मिलावटखोरों पर कसें शिकंजा, जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: जिलाधिकारी
मैनपुरी (अजय किशोर)। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की त्रैमासिक बैठक में सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में किसी भी दशा में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोरतम दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने खाद्य निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में निरंतर प्रवर्तन कार्यवाही करने और हथठेले वालों को सुरक्षित खाद्य सामग्री के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान पिछले एक वर्ष की उपलब्धियों का विवरण साझा किया गया, जिसमें 1712 प्रतिष्ठानों के निरीक्षण और 385 विधिक नमूने संग्रहित किए जाने की जानकारी दी गई। विभाग द्वारा की गई प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप, न्यायालय ने राजधानी स्वीट्स को असुरक्षित चिली पोटेटो और पेस्ट बेचने के मामले में छह माह के कारावास और भारी जुर्माने से दंडित किया है। जिलाधिकारी ने लंबित वादों के त्वरित निस्तारण और नमूनों की जांच रिपोर्ट समय से मंगाने पर जोर दिया ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके।
औषधि विभाग की समीक्षा करते हुए ड्रग निरीक्षक ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में नियमित जांच के दौरान मानकों का उल्लंघन करने वाले 32 लाइसेंस निलंबित और 10 निरस्त किए गए हैं। मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन का मुद्दा उठाया, जिस पर जिलाधिकारी ने ग्रामीण मेडिकल स्टोरों की सघन जांच के आदेश दिए। जनपद में वर्तमान में 479 थोक और 1457 फुटकर औषधि लाइसेंस धारक सक्रिय हैं, जिनकी नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्ट्रेट में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर जिलाधिकारी श्याम लता आनंद, क्षेत्राधिकारी नगर संतोष कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और केमिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक का संचालन मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. ए.के. पाठक ने किया। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बाजार में केवल गुणवत्तायुक्त और मानक के अनुरूप सामग्री की बिक्री सुनिश्चित की जाएगी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की भी जवाबदेही तय होगी।
