जानलेवा हमले के मामले में चार अभियुक्तों को तीन-तीन वर्ष का कारावास

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जानलेवा हमले के मामले में चार अभियुक्तों को तीन-तीन वर्ष का कारावास

मैनपुरी (अजय किशोर)। मैनपुरी में स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (POCSO-1) ने जान से मारने की नियत से फायरिंग करने और आतंक फैलाने के एक दशक पुराने मामले में अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश महेश चन्द्र गौड़ की अदालत ने अभियोजन पक्ष के तर्कों और साक्ष्यों के आधार पर चार अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। यह मामला वर्ष 2013 का है, जिसकी प्राथमिकी थाना दन्नाहार में दर्ज कराई गई थी।

अभियोजन कथानक के अनुसार, अभियुक्त कुलदीप सिंह पुत्र सनोज सिंह, राजेश पुत्र मिथलेश किमलेश फौजी, दीपू यादव पुत्र महेश चंद्र और जीतू यादव पुत्र भूरे यादव ने हथियारों से लैस होकर वादी राघवेंद्र सिंह पुत्र स्व भूरे सिंह के परिवार पर जान से मारने की नियत से फायरिंग की थी, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी। पुलिस ने विवेचना के उपरांत आरोपियों के विरुद्ध आईपीसी की विभिन्न धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था। मामले की पैरवी एडीजीसी विपिन कुमार चतुर्वेदी द्वारा की गई, जिन्होंने प्रभावी ढंग से आरोपियों के विरुद्ध साक्ष्य प्रस्तुत किए।

न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद चारों अभियुक्तों को भारतीय दंड संहिता की धारा 148 के तहत दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, प्रत्येक दोषी पर 2000-2000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है, जिसे अदा न करने पर 15 दिन के अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है। कोर्ट के इस निर्णय के बाद संबंधित विभाग द्वारा अग्रिम कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

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