फर्रुखाबाद |
योगी सरकार में एक तरफ जहां अपराधियों और दबंगों पर कड़ा प्रहार करने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय पुलिस की साठगांठ और सुस्ती के कारण एक असहाय विधवा महिला को दबंगई का शिकार होना पड़ा है।

मामला कादरीगेट थाना क्षेत्र की आवास विकास पुलिस चौकी का है, जहां दुष्यंत कुमार उर्फ पप्पू सैनी उर्फ पप्पू सट्टा वाला और उसके परिवार की दबंगई का खौफनाक चेहरा सामने आया है। पीड़िता मोनी गौर (विधवा) और उनकी बेटी गौरी लंबे समय से दुष्यंत कुमार और उसके परिवार की छींटाकशी और प्रताड़ना झेल रही थीं।
पुलिस की साठगांठ से बेखौफ हुए दबंग
स्थानीय लोगों के अनुसार, दुष्यंत कुमार उर्फ पप्पू सट्टा वाला पिछले 30 वर्षों से बढ़पुर क्षेत्र में सट्टे का अवैध कारोबार चला रहा है। आवास विकास चौकी पर उसकी गहरी पकड़ और धमक के चलते पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई करने से कतराती रही है।
हाल ही में मोनी गौर की बहन राधा और उनकी बेटियों के साथ भी इन दबंगों ने छेड़छाड़ की थी। इसकी लिखित शिकायत आवास विकास चौकी पर की गई थी, लेकिन पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, फिर भी मौन रही पुलिस
जब चौकी से न्याय की कोई उम्मीद नजर नहीं आई, तो पीड़ित परिवार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के निर्देश पर जांच फिर से उसी कादरीगेट पुलिस के पास आई, लेकिन पुलिस की नीयत में कोई बदलाव नहीं हुआ और मामला दबा पड़ा रहा।
लापरवाही का नतीजा: बेबस विधवा पर जानलेवा हमला
पुलिस की इसी ढिलाई और शह का नतीजा यह हुआ कि दुष्यंत के पुत्र सूरज का हौसला सातवें आसमान पर पहुंच गया। सूरज पुत्र दुष्यंत ने अपने गंदे इरादों में नाकाम रहने पर बेबस विधवा मोनी गौर पर जानलेवा हमला कर दिया।
बड़ा सवाल: क्या मिलेगा न्याय
अगर कादरीगेट पुलिस और आवास विकास चौकी इंचार्ज समय रहते छेड़छाड़ और प्रताड़ना की शिकायतों पर कड़ा संज्ञान लेते, तो आज यह घटना न होती। अब क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या पीड़िता को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पुलिस से इंसाफ मिल पाएगा, या फिर 30 साल से सट्टे का साम्राज्य चलाने वाले पप्पू सट्टा वाले के रसूख के आगे इस बार भी मामला दबा दिया जाएगा?

