अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर दिया गया विशेष जोर
अलीगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन के निर्देशों के अनुपालन में गुरूवार को न्यायालय परिसर में व्यापक स्तर पर फायर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह मॉक ड्रिल मुख्य अग्निशमन अधिकारी मुकेश कुमार के पर्यवेक्षण में संपन्न हुई, जिसमें न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
मॉक ड्रिल के दौरान अग्निशमन अधिकारी बन्नादेवी संजीव कुमार एवं उनकी टीम द्वारा आग लगने की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उपस्थित न्यायालय स्टाफ को आग से बचाव, सुरक्षित निकासी एवं अग्निशमन उपकरणों के प्रयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि आगामी गर्मी के मौसम को दृष्टिगत रखते हुए इस प्रकार की मॉक ड्रिल अत्यंत आवश्यक है, जिससे आकस्मिक अग्निकांड की स्थिति में घबराहट से बचते हुए पूर्व निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार तुरंत कार्रवाई कर आग पर नियंत्रण पाया जा सके।
इस अवसर पर अग्नि सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी साझा किए गए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी द्वारा जनसामान्य से अपील की गई कि वे अपने व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें। विशेष रूप से भवन निर्माण स्वीकृत मानचित्र के अनुसार कराने, ज्वलनशील पदार्थों का अवैध भंडारण न करने, पर्याप्त निकासी द्वार उपलब्ध कराने, अग्निरोधी सामग्री का उपयोग करने और विद्युत वायरिंग एवं उपकरणों का समय-समय पर मानक के अनुसार परीक्षण कराने पर बल दिया गया। मॉक ड्रिल के सफल आयोजन की न्यायालय परिसर में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा सराहना की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल न्यायालय परिसर की सुरक्षा को सुदृढ़ करना रहा, बल्कि आमजन में भी अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
