ओमवीर हत्याकांड: सुनियोजित थी हत्या, पहले से खोदा गया था गड्ढा,तीसरा आरोपी भी पहुंचा सलाखों के पीछे|

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अमृतपुर |

पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के निर्देशन में थाना अमृतपुर की तेज तर्रार थाना प्रभारी रक्षा सिंह ने ओमवीर हत्याकांड के मुख्य सरगना देवेन्द्र यादव पुत्र जाहर यादव जो हत्या आरोपी है उसे मुखबिर की सुरागरसी पर ऐसा मकड़जाल बना आखिर शिकंजे में आ गया गया। थाना प्रभारी रक्षा सिंह ने मुख्य सरगना देवेन्द्र यादव से गहनता से हत्याकांड के बारे कड़ाई से पूंछताछ कर उसे जेल भेजने का काम किया। वहीं आठ महीने से थाना पुलिस अंधेरे में हाथ पांव मारती रही आखिर में वर्तमान थाना प्रभारी रक्षा सिंह को चर्चित ओमवीर हत्याकांड में पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मामले के तीसरे आरोपी देवेंद्र यादव (42) पुत्र जाहर सिंह यादव निवासी हुसैनपुर राजपुर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मुकदमा संख्या 140/2025 में कार्रवाई करते हुए आरोपी को बीएनएस की धारा 140(1)103(1) 228 वी एन एस सहित अन्य धाराओं में मेडिकल परीक्षण के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।

पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड में पहले ही दो आरोपी रामू यादव और सुरजीत यादव पुत्रगण अजयपाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने बताया कि रामू यादव की निशानदेही पर ही पूरे मामले का खुलासा हुआ था, जबकि सुरजीत यादव पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल हो गया था। इस दौरान एक सिपाही भी जख्मी हुआ था। उपचार के बाद उसे भी न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

सुनियोजित थी हत्या पहले से खोदा गया था गड्ढा,

मृतक ओमवीर की पत्नी धरमशीला ने इस हत्याकांड को पूरी तरह से सुनियोजित बताया है। उनका आरोप है कि हत्या से पहले ही आरोपियों ने रामू यादव के खेत में करीब 7 फीट गहरा गड्ढा खोद रखा था, जिसे बोरिंग के नाम पर छिपाया गया। यह खुलासा पूरे मामले को और भी सनसनीखेज बना रहा है।

पीड़िता का कहना है कि वह महीनों तक पुलिस के चक्कर लगाती रहीं, लेकिन इस अहम सुराग पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की है।

गांव में सन्नाटा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

बीते 1 अप्रैल को मृतक का कंकाल मिलने के बाद से गुजरपुर पमारान गांव में दहशत और सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित परिवार के घर पर पुलिस व पीएसी बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्य सरगना देवेन्द्र यादव का आपराधिक इतिहास ,

गिरफ्तार आरोपी देवेंद्र यादव का आपराधिक रिकॉर्ड भी काफी लंबा रहा है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, दंगा, धमकी और आपराधिक साजिश जैसी धाराएं शामिल हैं। प्रमुख मुकदमे इस प्रकार हैं—

मु0अ0सं0 97/2020 — धारा 323, 325, 504, 506 भादवि, थाना अमृतपुर

मु0अ0सं0 84/2021 — धारा 323, 506 भादवि, थाना अमृतपुर

मु0अ0सं0 36/2022 — धारा 147, 323, 504, 506 भादवि, थाना अमृतपुर

मु0अ0सं0 140/2025 — धारा 140(1), 103(1), 238, 61(2) बीएनएस, थाना अमृतपुर

मु0अ0सं0 1344/2018 — धारा 135 भारतीय विद्युत अधिनियम, कोतवाली फतेहगढ़

मु0अ0सं0 115/2019 — धारा 120बी, 409, 504, 506 भादवि, थाना राजेपुर

पुलिस कर रही गहन जांच

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और इसमें अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

इस सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है, वहीं पीड़ित परिवार न्याय की आस में पुलिस कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है।

वहीं पीड़िता ने उठाई मुख्य सरगना पर ग्रेगेस्टर की कार्यवाही की मांग,

पीड़िता मृतक ओमवीर की पत्नी धर्मशीला ने मुख्य सरगना देवेन्द्र यादव पुत्र जाहर यादव पर ढेरों मुकदमों की फेहरिस्त देखते हुए पुलिस अधीक्षक से गैंगस्टर एक्ट में कार्यवाही अमल में लाने की मांग की है। पीड़िता मृतक ओमवीर की पत्नी धर्मशीला का कहना है मुख्य सरगना देवेन्द्र यादव बहुत ही निर्दयी शातिर अपराधी है इसने कई लोगों पर अपनी ताकत राजनीतिक रसूख के चलते जुर्म किए हैं। अगर कार्यवाही सख्त नहीं हुई तो ये अपने राजनीतिक रसूख और पैसे के दम पर जल्द बाहर आ जाएगा उसके बाद हमारे परिवार में बचे हुए लोगों के साथ भी कोई अनहोनी कर सकता है।

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