मैनपुरी में 12 जुलाई को वृहद वृक्षारोपण अभियान: मंडलायुक्त ने दिए मियावाकी पद्धति अपनाने और डिजिटल डायरी से निगरानी के निर्देश
मैनपुरी (अजय किशोर) आगरा मंडल के आयुक्त और जनपद के नोडल अधिकारी नगेंद्र प्रताप सिंह ने 11 जुलाई को मैनपुरी में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अगले दिन होने वाले वृहद वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। मंडलायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि वृक्षारोपण केवल सरकारी लक्ष्य को पूरा करने का जरिया नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए एक महाभियान है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पौधे लगाने से कहीं अधिक महत्वपूर्ण उन्हें जीवित रखना है, जिसके लिए रोपण से पहले ही सिंचाई, फेंसिंग और सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
कम जमीन वाले और विशेषकर शहरी क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाने के लिए मंडलायुक्त ने मियावाकी पद्धति से सघन वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग को निर्देश दिया कि जिले में नगर वन विकसित करने के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित कर शासन को विस्तृत परियोजना भेजी जाए। इसके साथ ही उन्होंने वृक्षारोपण को सामाजिक और नैतिक दायित्व से जोड़ते हुए विद्यालयों, अमृत सरोवरों, और सार्वजनिक संस्थानों में लगने वाले पौधों की जिम्मेदारी स्थानीय लोगों तथा स्कूली बच्चों को सौंपने की बात कही, ताकि उनके बीच एक भावनात्मक जुड़ाव पैदा हो सके।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने मंडलायुक्त को आश्वस्त किया कि जनपद की प्रत्येक नगर पंचायत में एक-एक मियावाकी वन विकसित किया जाएगा। पौधों की सुरक्षा और उनकी वृद्धि पर नजर रखने के लिए एक अनूठी पहल के तहत बड़े वृक्षारोपण स्थलों की डिजिटल डायरी तैयार की जाएगी, जिसमें जियो टैगिंग, फोटो, प्रजाति और सिंचाई का नियमित विवरण दर्ज होगा। इस डायरी की समीक्षा हर महीने जिला पर्यावरण समिति की बैठक में होगी और धरातल पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
समीक्षा बैठक के बाद मंडलायुक्त ने वन विभाग की नर्सरी का स्थलीय निरीक्षण किया, जहां पाया गया कि जनपद की 25 नर्सरियों में कुल 61 लाख पौधे उपलब्ध हैं और अधिकांश साइटों के लिए पौधों का उठान भी कराया जा चुका है। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी शिवम मिश्रा समेत जिले के सभी आला प्रशासनिक, पुलिस और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
