फ़र्रुखाबाद को मिलेगी बाढ़ से निज़ात: 465 करोड़ की लागत से बनेगा 49 किमी लंबा गंगा तटबंध।
फ़र्रुखाबाद/ जिले के 90 राजस्व गांवों की करीब डेढ़ लाख आबादी के लिए एक राहत भरी खबर है। हर साल गंगा नदी की बाढ़ और कटान का कहर झेलने वाले ग्रामीणों को बचाने के लिए सिंचाई विभाग ने 465 करोड़ रुपये की लागत से 49 किलोमीटर लंबा गंगा तटबंध बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और किसानों से सहमति लेने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
सालों पुरानी मांग होने जा रही है पूरी।
गौरतलब है कि जिले में गंगा नदी की कुल लंबाई लगभग 80 किलोमीटर है। हर वर्ष जुलाई और अगस्त के महीने में जलस्तर बढ़ने से न केवल हजारों हेक्टेयर फसलें नष्ट होती हैं, बल्कि कई गांव पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिर जाते हैं। नदी के कटान के कारण भी ग्रामीणों को हर साल लाखों रुपये का भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। लंबे समय से क्षेत्रीय लोग और विभिन्न संगठन बाढ़ से स्थायी बचाव के लिए तटबंध के निर्माण की मांग कर रहे थे।
अमृतपुर और शमसाबाद में होगा निर्माण।
सिंचाई विभाग द्वारा किए गए सर्वेक्षण और भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार, यह 49 किलोमीटर लंबा तटबंध दो प्रमुख क्षेत्रों में बनाया जाएगा। इसका 22 किलोमीटर का हिस्सा अमृतपुर क्षेत्र में और शेष 27 किलोमीटर का हिस्सा शमसाबाद ब्लॉक क्षेत्र में निर्मित होगा। हालांकि, जिले में गंगा की कुल लंबाई 80 किलोमीटर होने के कारण प्रशासनिक बैठकों में तटबंध की लंबाई को और बढ़ाने का मुद्दा भी उठाया जा चुका है।
किसानों से ली जा रही है सहमति।
तटबंध निर्माण की प्रक्रिया को धरातल पर उतारने के लिए भूमि अधिग्रहण का काम शुरू कर दिया गया है। निर्माण क्षेत्र में आने वाली सरकारी भूमि के साथ-साथ जिन किसानों की निजी भूमि आ रही है, उसे भी अधिग्रहीत किया जाएगा।
अधिशासी अभियंता (सिंचाई) दुर्ण कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुरूप प्रभावित किसानों से सहमति ली जा रही है। किसानों से सहमति पत्र प्राप्त कर जल्द ही शासन को भेजे जाएंगे। शासन से इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी और धनराशि आवंटित होने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके पश्चात कार्यदायी संस्था का चयन कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
