रामकथा: लंका दहन की लीला का हुआ भावपूर्ण वर्णन, श्रद्धालु हुए भाव-विभोर

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अमृतपुर/ फर्रुखाबाद।

अमृतपुर स्थित प्राचीन धार्मिक स्थल ठाकुर जी महाराज मंदिर परिसर में जिला पंचायत सदस्य अजय कुमार सिंह चौहान उर्फ लाला भैया के तत्वावधान में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी भव्य रामकथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के क्रम में आज ‘लंका दहन’ की लीला का अत्यंत मार्मिक और विस्तृत वर्णन किया गया, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।

कथावाचक ने भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी की वीरता, बुद्धिमत्ता और प्रभु के प्रति अटूट भक्ति का वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार हनुमान जी माता सीता की खोज में लंका पहुंचे। वहां उन्होंने अशोक वाटिका में माता सीता को ढूंढ निकाला और प्रभु श्रीराम का संदेश उन्हें दिया। इसके बाद हनुमान जी ने रावण के दरबार में जाकर उसे धर्म का मार्ग अपनाने की सीख दी, लेकिन रावण के अहंकार ने उसे सत्य स्वीकारने से रोक दिया।

कथा के दौरान बताया गया कि रावण के आदेश पर हनुमान जी की पूंछ में आग लगाई गई, लेकिन यह घटना रावण के लिए ही विनाश का कारण बन गई। हनुमान जी ने उसी जलती हुई पूंछ से पूरी लंका नगरी को अग्नि के हवाले कर दिया। चारों ओर धधकती आग, रावण की स्वर्णमयी लंका का विनाश और अधर्म के अंत का प्रतीक यह प्रसंग सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।

कथावाचक ने इस प्रसंग के माध्यम से संदेश दिया कि अहंकार और अधर्म का अंत निश्चित है, जबकि सत्य, भक्ति और धर्म की सदैव विजय होती है। ‘लंका दहन’ केवल एक घटना नहीं, बल्कि यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।

कथा पंडाल में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, पुरुष एवं युवा श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने भक्ति भाव से कथा का श्रवण किया और जय श्रीराम व जय बजरंगबली के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

आयोजनकर्ता अजय कुमार सिंह चौहान उर्फ लाला भैया ने बताया कि यह रामकथा क्षेत्र में धार्मिक जागरूकता और संस्कृति के संरक्षण का एक माध्यम है, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर पुण्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। आने वाले दिनों में कथा के अन्य प्रसंगों का भी इसी प्रकार भव्य आयोजन किया जाएगा।

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