कायमगंज/फर्रुखाबाद।
डांडिया की थाप पर थिरकते कदम, मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की मनमोहक झलक और रावण दहन के साथ बुराई पर अच्छाई की विजय का उद्घोष… कुछ ऐसा ही उत्साहपूर्ण और भक्तिमय नजारा पट्टिया लेन, कम्पिल रोड स्थित किरन पब्लिक स्कूल में देखने को मिला। विद्यालय परिसर में शारदीय नवरात्र की नवमी और विजयादशमी के पावन अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। छात्र-छात्राओं की शानदार प्रस्तुतियों ने जहां दर्शकों का मन मोह लिया, वहीं रावण दहन ने सभी को सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
नवरात्र और दशहरा अवकाश से पूर्व आयोजित इस विशेष समारोह में धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की मैनेजर श्रीमती कल्पना गंगवार और प्रधानाचार्य श्रीमती राधिका नायर ने मां सरस्वती एवं मां भगवती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद पूरा विद्यालय परिसर उत्साह, उमंग और भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया।
डांडिया की थाप पर थिरके कदम, नवदुर्गा की प्रस्तुति ने जीता दिल
समारोह में छात्राओं ने पारंपरिक परिधानों में सजकर डांडिया नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। संगीत की मधुर धुनों और तालबद्ध कदमों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। वहीं छात्राओं के दूसरे समूह ने मां दुर्गा के नौ स्वरूपों अर्थात नवदुर्गा पर आधारित भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुत कर नारी शक्ति, भक्ति और आस्था का संदेश दिया। आकर्षक भाव-भंगिमाओं और शानदार तालमेल से सजी प्रस्तुतियों को देखकर उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में नवरात्र एवं दशहरा पर्व के धार्मिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए। बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से बताया कि विजयादशमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि अन्याय, अहंकार और बुराइयों पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
रावण दहन के साथ गूंजे जयकारे, बुराइयों को त्यागने का लिया संकल्प
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण विद्यालय परिसर में रावण के विशाल पुतले का प्रतीकात्मक दहन रहा। रावण दहन होते ही परिसर तालियों और जयकारों से गूंज उठा। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को भगवान श्रीराम के आदर्शों, सत्य की शक्ति और अहंकार के विनाश का संदेश दिया। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि जीवन में सच्ची विजय तभी मिलती है, जब व्यक्ति अपने भीतर की बुराइयों, अहंकार, क्रोध और नकारात्मक विचारों पर नियंत्रण पाता है।
पर्व हमें सत्य, धर्म और संस्कारों के मार्ग पर चलने की देते हैं सीख
विद्यालय की मैनेजर श्रीमती कल्पना गंगवार ने सभी को नवरात्र और विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये पर्व हमें अपने अंतर्मन की बुराइयों और दुर्गुणों को त्यागकर सत्य, धर्म तथा कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने का संदेश भी दिया।
प्रधानाचार्य श्रीमती राधिका नायर ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अनुशासन, सद्विचार और नैतिक संस्कार ही व्यक्ति के जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ अच्छे आचरण, संस्कार और मानवीय मूल्यों को भी अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
विद्यालय की उप-प्रधानाचार्य श्रीमती अंजू बाथम ने कहा कि नवरात्र नारी शक्ति, पवित्रता और आत्मबल का प्रतीक है, जबकि दशहरा अहंकार के अंत और सत्य की विजय का संदेश देता है। विद्यार्थियों को भगवान श्रीराम के त्याग, मर्यादा और आदर्शों तथा मां दुर्गा के शक्ति स्वरूप से प्रेरणा लेकर ज्ञान और सद्गुणों को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
इस अवसर पर शिक्षक अजमत अली ने दशहरा पर्व के महत्व पर प्रेरणादायी विचारों के साथ शानदार शायरी प्रस्तुत की। उनकी प्रस्तुति को उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
शिक्षकों की मेहनत और बेहतर समन्वय से सजा सांस्कृतिक मंच
इस भव्य आयोजन को व्यवस्थित, अनुशासित और प्रभावशाली बनाने में विद्यालय के अकादमिक एवं शैक्षिक गतिविधि प्रभारी विक्रान्त सिंह तथा सह-प्रभारी अंजना जयन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके मार्गदर्शन में कार्यक्रम की रूपरेखा से लेकर प्रस्तुतियों के संचालन तक सभी व्यवस्थाएं बेहतर ढंग से संपन्न हुईं।
कला एवं रचनात्मक प्रभारी आरजू गंगवार, आकांक्षा सैनी और शिवानी राठौर की टीम ने अपनी कलात्मक सोच, रचनात्मकता और आकर्षक मंच सज्जा से विद्यालय परिसर को मनोहारी रूप प्रदान किया। वहीं डिजिटल मंच के तकनीकी संयोजन का दायित्व शिक्षक अतुल प्रताप सिंह और सोशल मीडिया प्रभारी हिरा अंसारी ने संभाला।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के कोऑर्डिनेटर जयन राजन के मार्गदर्शन के साथ शिक्षिका प्रगति सक्सेना, मंजू यादव, आशिका, पूजा पाल, पूनम, खुशी और पूजा तथा शिक्षक निखिल शाक्य, हरिद्वार द्विवेदी, शाहरुख अली खान, नीरज अग्निहोत्री एवं क्रीड़ा प्रभारी अल्पना यादव ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके अलावा लिपिक उमाकांत वर्मा, कंप्यूटर संचालक रवि कुमार सहित विद्यालय के समस्त शिक्षकों और कर्मचारियों ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों से बच्चों में विकसित होते हैं संस्कार और आत्मविश्वास
समारोह के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं, नैतिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव से जोड़ने का संदेश दिया गया। ऐसे आयोजनों से बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलने के साथ-साथ मंच पर आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने और सामूहिक रूप से कार्य करने की प्रेरणा भी मिलती है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं के सामूहिक प्रयासों की सराहना की तथा आयोजन की सफलता पर सभी को बधाई दी। भक्ति, संस्कृति, कला और उत्साह से सराबोर यह समारोह विद्यार्थियों के लिए यादगार बन गया।
