दिल्ली में वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में पहुंचने पर एनसीआर में ग्रैप के चरण-I के तहत सभी 25 उपाय तत्काल लागू करने का निर्णय
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की ग्रैप उप-समिति ने दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता की स्थिति की समीक्षा के बाद चरण-I के तहत निर्धारित सभी 25 उपायों को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, 21 अक्टूबर, 2026 को दोपहर 2 बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 244 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं, सीपीसीबी द्वारा जारी एक्यूआई बुलेटिन के अनुसार, शाम 4 बजे दिल्ली का दैनिक औसत एक्यूआई 245 दर्ज किया गया।
दिल्ली की वायु गुणवत्ता के ‘खराब’ श्रेणी में पहुंचने के मद्देनजर ग्रैप उप-समिति ने आज बैठक कर दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। बैठक के दौरान भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) द्वारा उपलब्ध कराए गए मौसम संबंधी पूर्वानुमानों तथा वायु गुणवत्ता के पूर्वानुमान पर भी विचार किया गया।
समीक्षा के दौरान पाया गया कि दिल्ली का एक्यूआई, जो 20 अक्टूबर, 2026 को 179 (‘मध्यम’ श्रेणी) था, बढ़कर 21 अक्टूबर, 2026 को दोपहर 2 बजे 244 (‘खराब’ श्रेणी) हो गया। आईएमडी और आईआईटीएम के पूर्वानुमानों के अनुसार, आगामी दिनों में भी दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में बने रहने की आशंका है।
वायु गुणवत्ता में और गिरावट को रोकने के उद्देश्य से उप-समिति ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में संशोधित ग्रैप के चरण-I के तहत निर्धारित सभी 25 उपायों को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया है।
उप-समिति ने एनसीआर में संबंधित सभी एजेंसियों को चरण-I के तहत निर्धारित उपायों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, उनकी निगरानी करने तथा समय-समय पर समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। सभी कार्यान्वयन एजेंसियों को सतर्क रहने और ग्रैप के निर्धारित प्रावधानों के तहत उपायों को और प्रभावी बनाने के लिए कहा गया है।
इसके अतिरिक्त, उप-समिति ने एनसीआर के नागरिकों से ग्रैप के क्रियान्वयन में सहयोग करने तथा चरण-I के नागरिक चार्टर में उल्लिखित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
ग्रैप के तहत उपायों के क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार सभी एजेंसियों, जिनमें एनसीआर के राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) शामिल हैं, को चरण-I के उपायों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है।
उप-समिति दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता की स्थिति पर लगातार नजर रखेगी और आईएमडी/आईआईटीएम के पूर्वानुमानों तथा दिल्ली की वायु गुणवत्ता के आधार पर समय-समय पर स्थिति की समीक्षा कर आगे आवश्यक निर्णय लेगी।
संशोधित ग्रैप की विस्तृत अनुसूची (सितंबर 2026) आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://caqm.nic.in पर उपलब्ध है।
