रिपोर्ट सुधीर सिंह |
कायमगंज/ फर्रुखाबाद |
17 मई के अग्निकांड के बाद फिर दहले व्यापारी, फायर ब्रिगेड ने समय रहते पाया काबू
– गंदगी, बंद शौचालय और खराब हैंडपंपों को लेकर व्यापार मंडल ने जताई गहरी नाराजगी
कायमगंज की स्थानीय नवीन कृषि मंडी परिसर में उस समय अफरातफरी मच गई, जब वहाँ लगे कूड़े के एक विशाल ढेर में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार उठने लगा, जिसे देख मंडी परिसर में मौजूद व्यापारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। मामले की सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड को दी गई। मौके पर पहुँची दमकल की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। समय रहते आग बुझ जाने से एक बड़ा हादसा टल गया, जिसके बाद व्यापारियों ने राहत की सांस ली।
17 मई की घटना को याद कर सहमे व्यापारी मंडी के व्यापारियों में इस घटना को लेकर गहरा खौफ देखा गया। दरअसल, अभी हाल ही में बीते 17 मई को मंडी में हुए एक जबरदस्त अग्निकांड में व्यापारियों की 5 दुकानें जलकर पूरी तरह राख हो गई थीं, जिससे लाखों रुपये का भारी नुकसान हुआ था। उस कड़वे अनुभव के चलते आज जैसे ही कूड़े के ढेर से धुआं और लपटें उठती दिखीं, व्यापारी अनहोनी की आशंका में बदहवास होकर मौके की तरफ दौड़ पड़े। व्यापारियों ने आशंका जताई है कि किसी राहगीर या असामाजिक तत्व द्वारा सुलगती हुई बीड़ी या सिगरेट फेंकने की वजह से यह आग भड़की होगी।
अव्यवस्थाओं का ‘अंबर’, अधिकारी बेखबर
इस घटना के बाद मंडी प्रशासन के खिलाफ व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। व्यापारियों ने मंडी परिसर में फैली भारी गंदगी और बदहाली को लेकर तीखी नाराजगी जाहिर की। उनका आरोप है कि मंडी में नियमित साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। परिसर में जगह-जगह सड़े हुए आलू और गंदगी के ढेर लगे हैं, जिनसे उठने वाली असहनीय बदबू के कारण वहां खड़ा होना भी दूभर हो गया है। इसके अलावा, मंडी परिसर में आधे से ज्यादा हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़े हैं, जिससे पीने के पानी का संकट बना हुआ है। वहीं, सार्वजनिक शौचालय बंद होने के कारण किसानों और व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
व्यापार मंडल ने एसडीएम से की शिकायत, उठाई मांग
मामले को लेकर उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष संजय गुप्ता ने मंडी प्रशासन की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि मंडी परिसर का कूड़ा रोजाना बाहर नहीं भेजा जाता, बल्कि कई-कई दिनों तक उसे एक ही जगह डंप करके छोड़ दिया जाता है, जिसके कारण आए दिन इस तरह की खतरनाक घटनाएं घट रही हैं।
जिलाध्यक्ष संजय गुप्ता ने उपजिलाधिकारी (SDM) और प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि मंडी परिसर की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, जमा कूड़े का तत्काल वैज्ञानिक निस्तारण हो, खराब पड़े हैंडपंपों को दुरुस्त कराया जाए और बंद पड़े शौचालयों को आम जनता व व्यापारियों के लिए तुरंत चालू किया जाए ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे या महामारी की स्थिति से बचा जा सके।
