लखनऊ में साधना श्रृंखला 2026 की दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का हुआ समापन, कार्यशाला में प्रशिक्षण संस्थानों को बेहतर बनाने पर दिया जोर
*क्षमता विकास के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में शीर्ष पर; राजस्थान दूसरे और जम्मू-कश्मीर तीसरे स्थान पर*
क्षमता विकास आयोग (सीबीसी) ने उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से लखनऊ में साधना श्रृंखला 2026 की तीसरी क्षेत्रीय कार्यशाला का दो दिवसीय आयोजन का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस कार्यशाला के माध्यम से मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत प्रशिक्षण संस्थानों को रणनीतिक और दक्षता-आधारित क्षमता विकास संस्थानों के रूप में विकसित करने के प्रयासों को आगे बढ़ाया गया।
शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने इस कार्यशाला का उद्घाटन किया था। इस अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के स्वतंत्र प्रभार वाले केंद्रीय राज्य मंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे थे।
कार्यशाला के दूसरे दिन दो प्रमुख विषयों पर परिचर्चाएं आयोजित की गईं। पहली परिचर्चा का विषय ‘उन्नति (UNNATI) के माध्यम से प्रशिक्षण संस्थानों का रूपांतरण’ था। इसकी अध्यक्षता एवं संचालन श्रीमती श्रेया गुहा, अपर मुख्य सचिव (प्रशिक्षण) एवं महानिदेशक, एचसीएम रीपा ने किया। इसमें प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थानों, केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
परिचर्चा में प्रशिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने, संकाय सदस्यों की साझा उपलब्धता, पाठ्यक्रमों के विकास और ज्ञान के आदान-प्रदान के महत्व पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने कहा कि उन्नति प्लेटफॉर्म संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देकर मौजूदा क्षमता और संसाधनों की कमी से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करने में सहायक होगा।
दूसरी परिचर्चा का विषय ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में क्षमता विकास’ था। इसका संचालन श्री देवराज, प्रमुख सचिव एवं महानिदेशक, रूपाम ने किया।
इस परिचर्चा में सरकारी अधिकारियों के बीच एआई संबंधी दक्षताओं के विकास और शासन व्यवस्था में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नैतिक, सुरक्षित एवं जवाबदेह उपयोग को एकीकृत करने पर विचार-विमर्श हुआ। प्रतिभागियों ने सरकारी कार्यप्रणालियों में एआई के उपयोग से जुड़े साइबर सुरक्षा और डेटा संरक्षण संबंधी जोखिमों पर ध्यान देने की आवश्यकता भी रेखांकित की। उन्होंने कहा कि एआई के उपयोग के दौरान उचित सुरक्षा उपायों और मानवीय निगरानी को सुनिश्चित करना आवश्यक है।
समापन सत्र में धन्यवाद ज्ञापन करते हुए क्षमता विकास आयोग के सचिव श्री जगदीप गुप्ता ने कहा कि नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था के लिए क्षमता विकास अनिवार्य है।
साधना श्रृंखला 2026 (राष्ट्रीय उन्नति के लिए अनुकूलनशील विकास एवं मानवीय योग्यता को सुदृढ़ करना) मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत क्षमता विकास आयोग द्वारा आयोजित क्षेत्रीय परामर्शों की एक राष्ट्रव्यापी श्रृंखला है। यह पहल चार क्षेत्रीय कार्यबलों, 2 से 8 अप्रैल 2026 तक आयोजित साधना सप्ताह और 15 मई 2026 को आयोजित राष्ट्रीय विभागीय शिखर सम्मेलन के प्रयासों को आगे बढ़ाती है।
विजयवाड़ा और गुवाहाटी के बाद इस श्रृंखला की तीसरी कार्यशाला लखनऊ में आयोजित की गई। इसमें बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ चंडीगढ़, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यशाला में प्रशिक्षण संस्थानों के प्रमुखों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की भी भागीदारी रही।
कार्यशाला के दौरान तैयार किए गए रोडमैप को एकीकृत नवयुगीन राष्ट्रीय प्रशिक्षण पहल (UNNATI) प्लेटफॉर्म पर आगे बढ़ाया जाएगा। ये रोडमैप प्रशिक्षण संस्थानों के रूपांतरण के लिए क्षमता विकास आयोग द्वारा तैयार किए जा रहे ढांचे को दिशा देंगे। इस प्रकार, परामर्श और जनभागीदारी की भावना को राष्ट्रीय स्तर से क्षेत्रीय स्तर तक पहुंचाने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
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