फर्रुखाबाद।
जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं को मजबूत करने और विभागीय कार्यप्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने निरीक्षण एवं सुधार की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने की पहल की है। इसके तहत आगामी बुधवार और बृहस्पतिवार को विभिन्न विभागों की टीमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण करेंगी। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित व्यवस्थाओं, विभागीय कार्यों और लेखा अभिलेखों की स्थिति का जायजा लिया जाएगा। कमियां मिलने पर उनके निराकरण के लिए आवश्यक कदम उठाने के साथ जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही भी निर्धारित की जाएगी।
एनएचएम, सीएचओ और आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल के बाद स्वास्थ्य सेवाओं को व्यवस्थित एवं सुचारु बनाए रखने की आवश्यकता को देखते हुए इस निरीक्षण अभियान का उद्देश्य स्वास्थ्य केंद्रों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना और कमियों को दूर कर व्यवस्थाओं में सुधार लाना है। निरीक्षण को केवल औपचारिक प्रक्रिया तक सीमित रखने के बजाय कमियों के निस्तारण और उनके सत्यापन पर विशेष जोर दिया जाएगा।
विभिन्न विभागों की टीमें करेंगी निरीक्षण
निर्धारित कार्यक्रम के तहत निरीक्षण के लिए जाने वाली टीमों में जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम), जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक (डीसीपीएम), लिपिक संवर्ग, मलेरिया विभाग के कर्मचारी तथा अन्य संबंधित विभागों के कार्मिक शामिल रहेंगे। टीमें अपने-अपने कार्यक्षेत्र से संबंधित व्यवस्थाओं की जांच कर कमियों को चिह्नित करेंगी और निरीक्षण रिपोर्ट तैयार करेंगी। रिपोर्ट के माध्यम से सामने आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
हर कमी के लिए तय होगी जिम्मेदारी, गंभीर मामलों में तत्काल सुधार
निरीक्षण के बाद सामने आने वाली कमियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक कमी के लिए जिम्मेदार अधिकारी की पहचान करने पर जोर रहेगा। गंभीर कमियों के मामले में तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, जबकि सामान्य कमियों को दूर करने के लिए निर्धारित समयसीमा तय की जाएगी। इससे संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को यह स्पष्ट रहेगा कि उन्हें कौन-सी कमी कितने समय में दूर करनी है।
सुधार की प्रक्रिया केवल निर्देश जारी करने तक सीमित नहीं रहेगी। अगले निरीक्षण के दौरान पूर्व में दर्ज की गई कमियों का दोबारा सत्यापन किया जाएगा, ताकि यह पता चल सके कि दिए गए निर्देशों का पालन हुआ है या नहीं और व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार आया है या नहीं। इस व्यवस्था से निरीक्षण रिपोर्ट और वास्तविक सुधार के बीच सीधा संबंध स्थापित करने पर जोर रहेगा।
सातों ब्लॉकों की प्रत्येक सप्ताह होगी तुलनात्मक रैंकिंग
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की प्रगति का नियमित आकलन करने के लिए जनपद के सातों ब्लॉकों की तुलनात्मक रैंकिंग प्रत्येक सप्ताह प्रस्तुत करने का निर्देश भी महत्वपूर्ण है। इसके माध्यम से विभिन्न ब्लॉकों की कार्यप्रणाली और सुधार की स्थिति की तुलना की जा सकेगी। साप्ताहिक समीक्षा से यह पहचानने में मदद मिलेगी कि किन क्षेत्रों में व्यवस्थाओं में सुधार हो रहा है और कहां अतिरिक्त प्रयासों की आवश्यकता है।
तुलनात्मक रैंकिंग का उद्देश्य ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की नियमित समीक्षा करना और संबंधित अधिकारियों को अपने कार्यक्षेत्र में कमियों के निस्तारण के लिए प्रेरित करना होगा। इससे सुधार की प्रगति पर लगातार नजर रखने और आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
आगामी ऑडिट से पहले लेखा अभिलेख भी होंगे दुरुस्त
स्वास्थ्य सेवाओं के निरीक्षण के साथ आगामी ऑडिट को ध्यान में रखते हुए लेखा संबंधी व्यवस्थाओं की जांच भी की जाएगी। लेखा लिपिक संवर्ग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का भ्रमण कर संबंधित लेखा अभिलेखों एवं दस्तावेजों का परीक्षण करेगा। इस दौरान अभिलेखों के रखरखाव और संबंधित कार्यों की स्थिति की जांच कर आवश्यक सुधारों को चिह्नित किया जाएगा।
संबंधित सीएचसी अधीक्षकों, लेखा विभाग के कर्मचारियों तथा डीपीएम-डीसीपीएम इकाई के बीच समन्वय स्थापित कर कमियों को दूर कराने पर जोर रहेगा, ताकि आगामी ऑडिट से पहले अभिलेख व्यवस्थित किए जा सकें और विभागीय कार्यवाही नियमानुसार पूरी हो।
