फर्रुखाबाद।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गढ़ी अब्दुल मजीद में एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। जिस पिता ने अपने बेटे के बेहतर इलाज की उम्मीद में लंबा सफर तय किया और उसे दवा दिलाने के लिए फर्रुखाबाद लेकर आए, उसी पिता की बेटे के हाथों जान चली गई। बताया गया कि मानसिक रूप से अस्वस्थ बड़े बेटे ने खाना खाने की बात कहने पर पिता के सिर पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल पिता ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
बेटे का इलाज कराने बीकानेर से आए थे पिता
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक मोहम्मद अहमद अंसारी (55) मूल रूप से बीकानेर से अपने बड़े बेटे मोहम्मद अली का इलाज कराने के लिए दो दिन पहले फर्रुखाबाद आए थे। बताया जा रहा है कि उनका बेटा मानसिक बीमारी से पीड़ित था और उसका उपचार कराने के उद्देश्य से परिवार यहां आया था। किसी को अंदाजा नहीं था कि बेटे के इलाज की उम्मीद लेकर आया पिता खुद जिंदगी की जंग हार जाएगा।
खाना खाने की बात पर भड़का बेटा, कुल्हाड़ी से किया हमला
बताया गया कि दोपहर घर पर मोहम्मद अहमद अंसारी ने अपने बेटे मोहम्मद अली से प्यार से खाना खाने के लिए कहा। इसी बात पर बेटा अचानक भड़क उठा। आरोप है कि उसने कुल्हाड़ी से पिता के सिर पर जोरदार हमला कर दिया। हमले में मोहम्मद अहमद गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। घटना के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई और परिजन उन्हें आनन-फानन में उपचार के लिए एक निजी अस्पताल ले गए।
शाम को इलाज के दौरान थम गईं सांसें
कुल्हाड़ी के हमले में गंभीर रूप से घायल मोहम्मद अहमद अंसारी को बचाने के लिए अस्पताल में उपचार किया गया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। मंगलवार शाम उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पिता की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जिस घर में बेटे के इलाज की उम्मीद लेकर परिवार आया था, वहां देखते ही देखते मातम छा गया।
छोटे बेटे की तहरीर पर मुकदमा, पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
घटना के संबंध में सीओ सिटी अभय वर्मा ने बताया कि मृतक के छोटे बेटे की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
घटना ने खड़े किए कई गंभीर सवाल
यह घटना एक परिवार के लिए ऐसा दुख बनकर सामने आई है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। बेटे के इलाज के लिए पिता की कोशिशें आखिरकार एक दर्दनाक अंत में बदल गईं। घटना ने परिवारों में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता, समय पर उपचार और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की मदद लेने के महत्व को भी रेखांकित किया है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों का विस्तृत खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।
