फर्रुखाबाद |
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को उनके नजदीक ही स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार सक्रिय हैं। सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन में राजेपुर क्षेत्र के आशा की मड़ैया और तौफीक मड़ैया में स्वास्थ्य शिविर लगाकर कुल 184 मरीजों की जांच की गई। जांच के बाद मरीजों को बीमारी के अनुसार चिकित्सकीय परामर्श, आवश्यक दवाएं तथा जरूरत के अनुसार ओआरएस उपलब्ध कराया गया।
PHC सबलपुर के अंतर्गत आशा की मड़ैया में 69 मरीजों की जांच की गई। यहां त्वचा संबंधी बीमारी के सबसे अधिक 40 मरीज मिले। इसके अलावा 13 मरीज बुखार, 10 मरीज जोड़ों के दर्द, तीन मरीज मधुमेह और तीन मरीज उच्च रक्तचाप से संबंधित पाए गए। शिविर में डॉ. नेहा, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी प्रशांत सहित संबंधित स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ मौजूद रहा और मरीजों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया गया।
वहीं तौफीक मड़ैया में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में 115 मरीजों की जांच हुई। इनमें 26 मरीज त्वचा संबंधी समस्या, 23 बुखार, 15 सर्दी-खांसी, 15 आंख-कान संबंधी समस्या, आठ डायरिया, पांच गठिया तथा 10 मरीज अन्य एवं पुरानी बीमारियों से संबंधित पाए गए। यहां जरूरतमंद 12 लोगों को ओआरएस भी उपलब्ध कराया गया।
तौफीक मड़ैया में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए डॉ. अभिनव, फार्मासिस्ट अनुज कुमार, स्टाफ नर्स अंशिका कटियार और लैब टेक्नीशियन ललित कुमार सहित स्वास्थ्य टीम मौजूद रही। मेडिकल मोबाइल टीम के माध्यम से भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई गईं।
सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। उद्देश्य है कि बाढ़ के कारण प्रभावित लोगों को उनके क्षेत्र में ही जांच, उपचार और आवश्यक दवाएं मिलें तथा बीमारी की स्थिति में उन्हें स्वास्थ्य सुविधा के लिए दूर न जाना पड़े। जरूरत के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर और मोबाइल मेडिकल टीमों के माध्यम से सेवाएं लगातार जारी रहेंगी।

