रसूल की पैदाइश की खुशी में झंडे लगाना जायज- मुफ्ती नाज़िर
जनरल फोर्स ब्यूरो/अमरोहा
उझारी। रसूल की पैदाइश की खुशी में झंडे लगाना जायज है। क्योंकि रसूल की पैदाइश के वक्त एक झंडा मशरिक में, दूसरा झंडा मगरिब में और तीसरा झंडा खाना ए काबा की छत पर लगाया गया था।
जनपद अमरोहा में कस्बा उझारी की मस्जिद कुरैशियान में ईद मिलादुन्नबी का जलसा आयोजित किया गया।
जलसे का आग़ाज़ तिलावत कलाम ए पाक से हुआ। नाते पाक पढ़ी गई। जलसे को खिताब फरमाते हुए मुफ्ती नाज़िर रजा ने कहा कि रसूल की आमद की खुशी में दिल खोलकर खुशी मनानी चाहिए।
जब हज़रत मुहम्मद साहब इस दुनिया में तशरीफ लाए, उस वक्त के हालात बयान करते हुए हजरत आमना बीबी ने बताया था कि जब रसूल की विलादत हुई तो मैंने जमीन से आसमान तक नूर ही नूर देखा। घर में रोशनी हो गई। मैंने देखा कि एक झंडा मशरिक में लगा हुआ है, दूसरा झंडा मगरिब में लगा हुआ है और तीसरा झंडा खाना ए काबा की छत पर लगा हुआ है।
हजरत आमना बीबी के इस कौल से साफ पता चलता है कि मुहम्मद साहब की पैदाइश की खुशी में झंडे लगाना जायज है। प्रोग्राम के बाद सलातो सलाम हुआ और मुल्क एवं कौम की सलामती के लिए दुआ कराई गई। तबर्रूक तकसीम किया गया।
इस मौके पर खासतौर पर क़ारी आबिद अली, क़ारी फहीम रजा, कारी आरिफ राजा, अलाउद्दीन सैफी, इरशाद सलमानी, शहाबुद्दीन सैफी, साजिद कुरैशी आदि भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।

