फतेहगढ़/फर्रुखाबाद।
विधान परिषद के द्विवार्षिक निर्वाचन को लेकर फर्रुखाबाद जिला प्रशासन ने तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए विकास भवन सभागार, फतेहगढ़ में मतदान कार्मिकों का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी बारीकियों को समझाते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियों का एहसास कराया गया। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने स्पष्ट संदेश दिया कि चुनावी ड्यूटी में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है और प्रत्येक कार्मिक को निर्धारित नियमों के अनुसार ही कार्य करना होगा।
डीएम का सख्त संदेश—नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं
प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण निर्वाचन कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। चुनाव प्रक्रिया में तैनात प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि वह निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का गंभीरता से अध्ययन करे और उनका पूरी तरह पालन सुनिश्चित करे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदान के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही, नियमों की अनदेखी या ऐसी चूक, जिससे निर्वाचन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, स्वीकार नहीं की जाएगी। डीएम ने कार्मिकों को निर्देश दिए कि यदि किसी भी चरण में कोई असमंजस या तकनीकी समस्या सामने आती है तो स्वयं निर्णय लेने के बजाय तत्काल संबंधित उच्च अधिकारियों से संपर्क कर उसका समाधान कराएं।
मतदाता की पहचान से लेकर मतपत्रों की सुरक्षा तक पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान मतदान प्रक्रिया के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। कार्मिकों को बताया गया कि मतदान केंद्र पर मतदाता की पहचान का सत्यापन पूरी सावधानी से किया जाए, ताकि निर्धारित नियमों के अनुरूप ही मतदान संपन्न हो सके। इसके साथ ही मतपत्रों के सुरक्षित रखरखाव, मतदान की गोपनीयता बनाए रखने तथा मतदान समाप्त होने के बाद निर्वाचन सामग्री को नियमानुसार जमा कराने की प्रक्रिया समझाई गई।
अधिकारियों ने इस बात पर भी जोर दिया कि मतदान केंद्र पर प्रत्येक गतिविधि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप होनी चाहिए। किसी भी मतदाता के साथ भेदभाव नहीं किया जाए और प्रत्याशियों सहित सभी संबंधित पक्षों के साथ शालीन, निष्पक्ष एवं मर्यादित व्यवहार रखा जाए।
छोटी-सी चूक भी बन सकती है बड़ी परेशानी
एमएलसी चुनाव की संवेदनशीलता को देखते हुए मतदान कार्मिकों को सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की हिदायत दी गई। उन्हें समझाया गया कि चुनावी प्रक्रिया में प्रत्येक चरण का अपना महत्व है। मतदाता की पहचान, मतदान की गोपनीयता, मतपत्रों की सुरक्षा और निर्वाचन सामग्री की सुपुर्दगी जैसे कार्यों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना बेहद जरूरी है।
प्रशासन का उद्देश्य है कि चुनाव के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था या अनावश्यक विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो। इसके लिए कार्मिकों को अपनी भूमिका, दायित्व और निर्धारित प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी रखने के निर्देश दिए गए।
निर्धारित समयसीमा में पूरी होंगी तैयारियां
जिलाधिकारी ने निर्वाचन से जुड़ी तैयारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया। प्रशासन की ओर से चुनाव प्रक्रिया को व्यवस्थित, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से मतदान कार्मिकों को यह सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया गया कि मतदान के दिन सभी कार्य तय नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार संपन्न हों।
