मैनपुरी । जनपद में निर्माणाधीन फर्रुखाबाद एक्सप्रेसवे लिंक रोड के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मंगलवार को तहसील किशनी के ग्राम सिंहपुर के निवासियों ने मुआवजे की दरों में विसंगति का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह से मुलाकात की। ग्रामीणों ने एक मांग पत्र सौंपकर प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी पीड़ा से अवगत कराया और न्याय की गुहार लगाई।
ग्रामीणों का मुख्य आरोप है कि उत्तर प्रदेश फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे (यूपीडा) परियोजना के तहत उनकी बेशकीमती और उपजाऊ भूमि का बेहद कम दाम आंका जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, उन्हें केवल 35 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि उनके पड़ोसी गांवों में यही दर 45 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर है। प्रशासन की इस दोहरी नीति से स्थानीय किसानों में गहरा असंतोष व्याप्त है।
मुआवजे के आंकड़ों में चौंकाने वाला अंतर लिंक रोड की जमीन को लेकर भी सामने आया है। किसानों का दावा है कि जहाँ अन्य क्षेत्रों में लिंक रोड के लिए 90 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर का भुगतान किया जा रहा है, वहीं सिंहपुर के किसानों को मात्र 10 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर प्रस्तावित की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी भूमि अन्य ग्राम सभाओं की तुलना में अधिक उपजाऊ है, फिर भी सर्किल रेट में उन्हें पीछे रखा गया है जिससे उन्हें भारी आर्थिक क्षति हो रही है।
जिलाधिकारी को मांग पत्र सौंपने वालों में राजेश कुमार, विनोद कुमार, राम लखन और जयवीर सहित दर्जनों ग्रामीणों ने समान मुआवजे की मांग की है। किसानों ने स्पष्ट किया है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उनकी मांग है कि भूमि की गुणवत्ता के आधार पर उन्हें भी अन्य गांवों के समान दरें दी जाएं।
