तीन मासूमों के सिर से उठा साया, पहले पिता, अब मां भी छीनी।

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अमृतपुर।

अमृतपुर निवासी कुसुमलता (पत्नी अखिलेश दर्जी) की सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद उपचार के दौरान शुक्रवार को मौत हो गई। घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और तीन छोटे बच्चे माता-पिता दोनों के साये से वंचित हो गए।

जानकारी के अनुसार कुछ दिन पूर्व परमापुर के निकट सड़क हादसे में कुसुमलता गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। बताया गया कि समझौते के आधार पर उनका फर्रुखाबाद के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। शुक्रवार को उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना पर थाना अमृतपुर मे तैनात दरोगा राघवेंद्र भदौरिया द्वारा पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

परिजनों ने बताया कि करीब आठ वर्ष पूर्व कुसुमलता के पति अखिलेश की भी सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो चुकी थी। पति की मौत के बाद कुसुमलता ही बच्चों का सहारा थीं, लेकिन अब उनकी भी असमय मृत्यु से परिवार पूरी तरह टूट गया।

कुसुमलता के चार बच्चे हैं। लगभग डेढ़ वर्ष पहले उन्होंने अपनी बड़ी बेटी दिव्यांशी की शादी हजियापुर में कर दी थी, जबकि घर पर अब हिमांशी (लगभग 15 वर्ष), शिवांगी (लगभग 17 वर्ष) और बेटा अर्चित (लगभग 12 वर्ष) रह गए। माता-पिता दोनों के निधन से तीनों बच्चों के सामने पालन-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।

मोहल्ले में घटना के बाद शोक का माहौल है। बच्चे अपनी मां के शव के घर पहुंचने का इंतजार करते रहे और पड़ोस की महिलाएं उन्हें ढांढस बंधाती रहीं। स्थानीय महिला प्रवेश कुमारी ने बताया कि 21 फरवरी को वह कुसुमलता के साथ पैदल सड़क पार कर रही थीं, तभी पीछे से आए एक बाइक सवार ने टक्कर मार दी, जिससे कुसुमलता गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।

इस दर्दनाक हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह बिखेर दिया। क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर फिर से सवाल खड़े कर दिए।

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