उत्तर प्रदेश विधानसभा समिति का दौरा: मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत देखना |

3 Min Read

फर्रुखाबाद/

यूपी विधानसभा की सार्वजनिक उपक्रम एवं निगम संयुक्त समिति शनिवार शाम फर्रुखाबाद पहुंच गई है। इस समिति का मुख्य उद्देश्य जिले में चल रही विभिन्न सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत का आकलन करना और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर कामकाज की विस्तृत समीक्षा करना है।

विभिन्न विभागों की योजनाओं का होगा निरीक्षण

रविवार को समिति के सदस्य क्षेत्र का भ्रमण कर धरातल पर सरकारी योजनाओं की स्थिति का जायजा लेंगे। इसके बाद कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की जाएगी। समिति विशेष रूप से बिजली विभाग, नगर पालिका, पूर्ति विभाग, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), पर्यटन, परिवहन, समाज कल्याण, सिंचाई, सहकारिता और अल्पसंख्यक कल्याण सहित विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की कार्यप्रणाली देखेगी।

समिति का गठन और प्रमुख सदस्य इस प्रथम उप समिति का गठन सदर विधायक मेजर सुंदर द्विवेदी की अध्यक्षता में किया गया है। इस महत्वपूर्ण समिति में कमाल अख्तर, अशोक कुमार, सभा कुमार, अवनीश कुमार सिंह, बिजनेस प्रकाश गौड़, राजीव तरारा, जयप्रकाश अंचल और पीयूष रंजन निषाद बतौर सदस्य शामिल हैं।

विधायकों के साथ-साथ अनु सचिव अर्जुन सिंह, निजी सचिव अनिल कुमार, सहायक समीक्षा अधिकारी विनय कुमार, प्रतिवेदक अमित वर्मा, अनु सेवक सोहनलाल और आशुतोष कुमार सहित कई अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी समिति के साथ फर्रुखाबाद पहुंचे हैं। समिति ने शनिवार शाम पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंचने के बाद, देर शाम आवास विकास स्थित एक होटल में स्थानीय अधिकारियों के साथ प्रारंभिक बैठक भी की।

गुणवत्ता और समयबद्धता पर रहेगा जोर सदर विधायक व समिति के सभापति मेजर सुंदर द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि समिति का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक उपक्रमों और निगमों के कामकाज की बारीकी से समीक्षा करना है। इसके तहत निम्नलिखित बिंदुओं पर मुख्य रूप से गौर किया जाएगा:

राजकीय निर्माण निगम और बिजली निगम जैसी कार्यदायी संस्थाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता।

परियोजनाओं के समय पर पूरा होने की स्थिति और बैकलॉग।

बजट आवंटन में आने वाली दिक्कतें।

निगमों की कार्यप्रणाली में होने वाली ढिलाई।

प्रदेश की सबसे बड़ी समिति

अध्यक्ष मेजर सुंदर द्विवेदी ने बताया कि उनकी अध्यक्षता वाली इस समिति में कुल 35 सदस्य हैं, जो कि प्रदेश की सबसे बड़ी समिति है। कार्यों को सुचारू रूप से करने के लिए इसे दो टीमों में बांटा गया है। एक टीम को जांच के लिए पूर्वांचल भेजा गया है, जबकि दूसरी टीम आगरा और कानपुर मंडल (जिसमें फर्रुखाबाद शामिल है) के दौरे पर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति यह सुनिश्चित करेगी कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय पर शुरू हों, समय पर पूरी हों और उनकी गुणवत्ता मानकों के अनुरूप बनी रहे।

Subscribe Newsletter

Loading
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *