“जनपद न्यायाधीश व बोर्ड ऑफ विजिटर्स द्वारा जिला कारागार का संयुक्त निरीक्षण, बंदियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश”
एटा। राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के अनुपालन में जिला कारागार, एटा का बोर्ड ऑफ विजिटर्स एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया गया।
जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एटा दिनेश चन्द के नेतृत्व में टीम ने कारागार के विभिन्न बैरकों, अभिलेखों एवं व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विचाराधीन एवं सिद्धदोष बंदियों के प्रवेश-मुक्ति रजिस्टरों का अवलोकन किया गया, जिसमें किसी भी बंदी के नाम के सामने जाति का उल्लेख नहीं पाया गया तथा बंदियों के बीच किसी प्रकार का भेदभाव भी नहीं मिला।
निरीक्षण के दौरान उच्चतम न्यायालय द्वारा *सुकन्या शांथा बनाम भारत संघ* मामले में दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुपालन की भी पुष्टि की गई।
जनपद न्यायाधीश ने प्रत्येक बैरक में जाकर बंदियों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने बंदियों से उनके मुकदमों की पैरवी के संबंध में जानकारी ली और जिन बंदियों के पास अधिवक्ता नहीं थे, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
कुछ बंदियों द्वारा जमानत, पेशी की तिथि एवं सरकारी अधिवक्ता उपलब्ध कराने से संबंधित समस्याएं बताई गईं, जिनके त्वरित निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
निरीक्षण के दौरान जेल प्रशासन को बंदियों के स्वास्थ्य परीक्षण नियमित कराने, गर्मी एवं वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों से बचाव के पर्याप्त इंतजाम करने तथा मच्छरों से बचाव के उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही कारागार परिसर एवं अस्पताल में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
इस अवसर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिल कुमार-XI, प्रभारी सचिव कामायनी दुबे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्याम नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रमेश मौर्य, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, एसपी क्राइम योगेन्द्र सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं कारागार प्रशासन के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।
