रिपोर्ट सुधीर सिंह |
कायमगंज/फर्रुखाबाद |
भरत मिलाप समिति कायमगंज के सौजन्य से भरत मिलाप के पावन अवसर पर सी.पी. गेस्ट हाउस में एक भव्य अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। देश के विभिन्न कोनों से आए प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी बेहतरीन रचनाओं से श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा।
माँ सरस्वती की वंदना से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन तथा अंतरराष्ट्रीय कवयित्री साक्षी तिवारी द्वारा माँ सरस्वती की वंदना के साथ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता मिथिलेश अग्रवाल ने की। शुरुआती संचालन स्थानीय कवि एवं शायर देवेश दीक्षित ने तथा मुख्य सम्मेलन का शानदार संचालन अलवर के कवि कमलेश जैन ‘बसंत’ ने किया।

कवियों की इन पंक्तियों ने लूटी महफ़िल
शशि श्रेया (लखनऊ):
“कुछ यहाँ से,कुछ वहाँ से मिल रहे हैं, बोरियों मे गाँठ बाँधे मिल रहे हैं…”
पंक्तियाँ पढ़कर उन्होंने श्रोताओं से ख़ूब तालियाँ बटोरीं।
साक्षी तिवारी (प्रतापगढ़):
“यूँ ख़्वाबों में आवारगी चल रही है, इन पैरों में बेचारगी चल रही है…”
सुनाकर महफ़िल लूट ली।

राजकिशोर (ग्वालियर):
“होंठ नदी के सूख रहे हैं, कुआँ भी प्यासा है। हर चेहरे पर छाई उदासी और निराशा है,”
पढ़कर व्यवस्था पर करारा तंज कसा।
योगेश तिवारी (प्रधानाचार्य, सी.पी. स्कूल):
“वैभव के कोई भी साधन कहाँ भरत को भाते थे। विना राम के राजमहल से कुटिया अच्छी लगती थी।।”
इन पंक्तियों ने सभी का मन मोह लिया।
देवेश दीक्षित (कायमगंज):
“दिन में भी महताब देखती रहती हैं। आँखें क्या-क्या ख़्वाब देखती रहती हैं।।”
वीर रस और हास्य ने भरा जोश
मैनपुरी से आए वीर रस के जाने-माने कवि मनोज चौहान ने अपनी ओजस्वी कविताओं से सभागार में मौजूद हर व्यक्ति में देशभक्ति का जोश भर दिया। वहीं, हरदोई के विख्यात हास्य कवि अजीत शुक्ला ने अपने अनोखे अंदाज से श्रोताओं को हँसने पर मजबूर कर दिया और महफिल में ठहाके गूंज उठे। इनके अलावा मैनपुरी की देवांशी माहेश्वरी, अलवर के कमलेश जैन ‘बसंत’, पवन बाथम और सुनीत सिद्धार्थ ने भी अपनी रचनाओं से समां बांधे रखा।
आभार और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम के अंत में व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष संजय गुप्ता ने सभी आगन्तुकों के प्रति आभार प्रकट किया।
इस अवसर पर अटल गुप्ता, पवन गुप्ता, कमलेश गुप्ता, लक्ष्मीनरायन अग्रवाल, नगर पालिका अध्यक्ष शरद गंगवार, अमर सिंह खटिक, डॉ. विकास शर्मा, राजेश अग्निहोत्री, अमित सेठ, रामप्रकाश कल्लू यादव, आदेश अग्निहोत्री, मनोज कौशल, संजय बंसल, आलोक गुप्ता, संजीव शाक्य, संजीव अग्रवाल, मंसाराम गुप्ता, नीरज अग्रवाल, चंदन शाक्य, आसिफ मंसूरी, अनिल गंगवार, जितेंद्र रस्तोगी, लखपति सक्सेना सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, साहित्य प्रेमी और युवा श्रोता उपस्थित रहे।
