शमशाबाद/फर्रुखाबाद |
शमसाबाद क्षेत्र में इन दिनों नए स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए सुविधा के बजाय परेशानी का कारण बन गए हैं। तकनीकी समस्याओं के चलते पिछले कई दिनों (8 अप्रैल 2026 से) क्षेत्र के कई घरों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित है, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। परेशान उपभोक्ताओं ने विद्युत विभाग से जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने की गुहार लगाई है।
रिचार्ज के बाद भी पसरा है अंधेरा स्थानीय निवासियों का आरोप है कि मीटर को समय पर रिचार्ज करने के बावजूद उनके घरों में बिजली सुचारू नहीं हो पा रही है। शमसाबाद नगर के मोहल्ला तराई और उसके आसपास के इलाकों के कई उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर विद्युत विभाग के कर्मचारियों को बार-बार सूचना दी है, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
चौखंडा निवासी एक महिला उपभोक्ता ने तो शमसाबाद विद्युत उपकेंद्र को बाकायदा पत्र भेजकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि उन्होंने स्मार्ट मीटर के लिए तय शुल्क भी जमा कर दिया है और मीटर में बैलेंस भी है, फिर भी उनके घर की आपूर्ति काट दी गई है।
अधिकारियों का क्या है कहना?
उपभोक्ताओं के बढ़ते आक्रोश और शिकायतों पर शमसाबाद के अवर अभियंता (जेई) जुनैद आलम ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में लगाए गए अधिकांश नए स्मार्ट मीटरों को अब ‘प्रीपेड सिस्टम’ में तब्दील कर दिया गया है। ऐसे में उपभोक्ताओं को मोबाइल की तरह अपने मीटर में भी पर्याप्त बैलेंस बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि, “सिस्टम ऑटोमेटिक है; जैसे ही उपभोक्ता अपना मीटर रिचार्ज करते हैं, बिजली आपूर्ति स्वतः ही बहाल हो जाती है।”
तकनीकी खामियों पर टीम कर रही काम बैलेंस होने के बावजूद बिजली न आने की शिकायतों पर जेई जुनैद आलम ने आश्वासन दिया कि कुछ मीटरों में तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं। उन्होंने बताया कि जिन जगहों से तकनीकी समस्या की जानकारी मिल रही है, वहां फाल्ट को ठीक करने और समस्या के त्वरित समाधान के लिए विभागीय टीम को निर्देशित कर दिया गया है।
फिलहाल, क्षेत्र के लोग इस उम्मीद में हैं कि विभाग जल्द ही इस तकनीकी खामी को दूर करेगा और उन्हें सुचारू रूप से बिजली मिल सकेगी।
