एलपीजी संकट के बीच केंद्र का बड़ा फैसला: केरोसिन नियमों में ढील, हर जिले में चुने जाएंगे 2 पेट्रोल पंप
नई दिल्ली: वैश्विक ऊर्जा संकट और ईरान युद्ध के चलते प्रभावित होती आपूर्ति के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखते हुए केरोसिन से जुड़े नियमों में अस्थायी ढील देने का ऐलान किया है, ताकि लोगों को खाना पकाने और रोशनी के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में केरोसिन का अस्थायी वितरण शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य उन क्षेत्रों में राहत पहुंचाना है जहां पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) के तहत केरोसिन उपलब्ध नहीं है।
हर जिले में 2 पेट्रोल पंप पर मिलेगा केरोसिन
नए नियमों के तहत अब सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर केरोसिन स्टोर और वितरित किया जा सकेगा। प्रत्येक जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंपों को इसके लिए नामित किया जाएगा, जहां 5000 लीटर तक केरोसिन रखा जा सकेगा।
नियमों में छूट से सप्लाई होगी तेज
सरकार ने केरोसिन के स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट और वितरण से जुड़े लाइसेंसिंग नियमों में ढील दी है। पेट्रोलियम रूल 2002 के तहत मिलने वाली यह छूट सप्लाई चेन को तेज करने और जरूरतमंदों तक जल्द ईंधन पहुंचाने के उद्देश्य से दी गई है।
दुरुपयोग रोकने के लिए सख्ती
सरकार ने स्पष्ट किया है कि केरोसिन का उपयोग केवल घरेलू जरूरतों—खाना पकाने और रोशनी—के लिए ही किया जाएगा। इसके दुरुपयोग पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
ईंधन आपूर्ति पर सरकार का भरोसा
सरकार ने यह भी कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की कोई कमी नहीं है। रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर ईंधन की अतिरिक्त खरीदारी से बचें।
हालांकि, कुछ राज्यों में अफवाहों के कारण पेट्रोल पंपों पर भीड़ और बिक्री में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है, लेकिन सरकार ने भरोसा दिलाया है कि सभी जगह पर्याप्त आपूर्ति बनी हुई है।
