- दो नाबालिगों के बयान के बाद प्रयागराज की विशेष अदालत का निर्देश, झूंसी थाने में FIR; शंकराचार्य ने आरोपों को बताया निराधार
Prayagraj: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ बाल यौन शोषण के आरोपों में प्रयागराज की एडीजे रेप एवं POCSO स्पेशल कोर्ट के आदेश पर झूंसी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने POCSO एक्ट की गंभीर धाराओं तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने धारा 173(4) के तहत अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल कर शंकराचार्य पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। मामले में 13 फरवरी को दो नाबालिगों ने विशेष अदालत के समक्ष वीडियोग्राफी के माध्यम से अपने बयान दर्ज कराए थे। इसके बाद अदालत ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था।
21 फरवरी को विशेष POCSO कोर्ट ने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। आदेश के अनुपालन में झूंसी पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके तीन अज्ञात शिष्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपों की जांच की जा रही है और संबंधित पक्षों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
वहीं, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि वे जांच में सहयोग करेंगे और अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।
