सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का मामला फिर गूंजा, 19 वर्ष तक कार्यवाही नहीं: शासन पर गंभीर आरोप

2 Min Read

अमृतपुर/फर्रुखाबाद।

तहसील अमृतपुर में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान एक बार फिर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का मामला जोर-शोर से उठा। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि लगभग 19 वर्ष 4 माह बीत जाने के बावजूद भी प्रशासन द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।

शिकायत के अनुसार, राजस्व ग्राम बलीपट्टी (रानीगांव) स्थित गाटा संख्या 391, रकबा 66 डिसमिल, जो अभिलेखों में सुरक्षित श्रेणी/रास्ता के रूप में दर्ज है, उस पर अवैध कब्जा कर निर्माण कर लिया गया है। पीड़ित का कहना है कि यह सार्वजनिक उपयोग की भूमि है, लेकिन वर्षों से इस पर कब्जा बना हुआ है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि इस संबंध में 30 अक्टूबर 2025 को पहली शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसकी संदर्भ संख्या 4998 है। इसके बाद 21 फरवरी 2026 और 23 मार्च 2026 को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में भी प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन अब तक न तो कोई ठोस कार्रवाई हुई और न ही शिकायत का विधिवत निस्तारण किया गया।

पीड़ित ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शिथिलता, लापरवाही या संभवतः मिलीभगत के कारण अवैध कब्जा अब तक यथावत बना हुआ है। जबकि सर्वोच्च न्यायालय और इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव (राजस्व), ग्राम्य विकास विभाग, राजस्व परिषद एवं जिलाधिकारी फर्रुखाबाद को भी भेजी गई है, ताकि जल्द से जल्द कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि कुछ प्रार्थना पत्रों की संदर्भ संख्या तक ऑनलाइन दर्ज नहीं की गई, जिससे मामले की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

शनिवार को आयोजित समाधान दिवस में उप जिलाधिकारी अमृतपुर संजय कुमार सिंह को पुनः प्रार्थना पत्र सौंपते हुए पीड़ित ने स्पष्ट कहा कि या तो शिकायत का शीघ्र निस्तारण किया जाए या फिर प्रार्थना पत्र वापस कर दिया जाए।

Subscribe Newsletter

Loading
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *