अवैध निर्माण पर बड़ा एक्शन: विधानसभा उपसमिति ने की 17 मामलों की गहन जांच।

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फर्रुखाबाद/

शहर में भवनों के नक्शे पास करने में हुई भारी वित्तीय अनियमितताओं और नियमों की अनदेखी के मामले में विधानसभा की एक उपसमिति ने सख्त रुख अपनाया है। समिति ने मौके पर पहुंचकर 17 ऐसे मामलों की जांच की, जिनमें मनमाने ढंग से नियम तोड़कर नक्शे पास किए गए थे। उपसमिति अब अपनी जांच रिपोर्ट सीधे शासन को सौंपेगी।

शिकायतों के बाद विधानसभा तक पहुंचा मामला शहर में अवैध कॉलोनियों की भरमार के बीच बड़े पैमाने पर नियमों को ताक पर रखकर भवनों के नक्शे पास करने का मामला लंबे समय से विवादों में था। स्थानीय निवासी बतन कुमार द्वारा भी बड़ी संख्या में नियम विरुद्ध नक्शे पास होने की शिकायत की गई थी। आरोप है कि वाणिज्यिक भवनों के नक्शे बिना ‘प्रभाव शुल्क’ जमा कराए ही पास कर दिए गए। विधानसभा में वित्तीय अनियमितता सहित कुल 17 मामलों पर सवाल उठाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

अधिकारियों और विधायकों के दल ने किया भौतिक सत्यापन

शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा की याचिका समिति (2025-26) की उपसमिति को यह जांच सौंपी गई। जांच दल में कायमगंज की विधायक डॉ. सुरभि और पीलीभीत (बीसलपुर) के विधायक शामिल रहे। उनके साथ मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक (लखनऊ) कृष्ण मोहन, विशेष सचिव आवास विकास महेंद्र प्रसाद भारती, एपी (कानपुर) विशाल भारती और सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार बंसल सहित कई आला अधिकारियों ने शहर का भ्रमण किया।

जांच दल ने देवरामपुर, ठंडी सड़क, नेकपुर कला, बढ़पुर, मसेनी, बनखड़िया और जेएनवी सड़क जैसे इलाकों का दौरा कर इमारतों का सत्यापन किया। जांच के दायरे में कई ऊंचे भवन, निजी अस्पताल और मैरिज हॉल भी शामिल हैं।

गंभीर अनियमितताएं आईं सामने समिति ने वर्ष 2015 से 2023 के बीच पास किए गए नक्शों की बारीकी से जांच की। इसमें कई गंभीर खामियां पाई गईं:

* कृषि भूमि पर 10 प्रतिशत से अधिक का निर्माण।

* पार्क के लिए आरक्षित भूमि पर नक्शा पास करना।

* बिना प्रभाव शुल्क जमा कराए कमर्शियल नक्शे पास करना।

* धारा 10 का नोटिस जारी होने के बावजूद नक्शा स्वीकृत करना।

दस्तावेज़ों और हकीकत में मिला अंतर

समिति की सदस्य डॉ. सुरभि ने बताया कि फर्रुखाबाद शहर के 17 ऐसे मानचित्र (नक्शे) सामने आए हैं, जिनमें सरकारी अभिलेखों में दर्ज जानकारी और मौके की वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर है। समिति ने पहले पीडब्ल्यूडी (PWD) गेस्ट हाउस में बैठकर सभी तथ्यों और दस्तावेजों को खंगाला और उसके बाद ग्राउंड जीरो पर जाकर जांच की। समिति के अनुसार, जांच के लिए चिन्हित 17 मामलों में से एक का निस्तारण कर दिया गया है।

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