ई-रिक्शा चलाकर बनीं पिता का सहारा, रूढ़िवादी सोच को दी चुनौती |

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कायमगंज/ फर्रुखाबाद |

कायमगंज क्षेत्र में दो बहनों ने अपनी कड़ी मेहनत और अदम्य साहस से समाज के सामने एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। इन बेटियों ने उस रूढ़िवादी सोच को करारा जवाब दिया है, जिसमें केवल बेटों को ही परिवार का असली सहारा माना जाता है।

आर्थिक तंगी ने बनाया मजबूत

जानकारी के अनुसार, दोनों बहनों के पिता पेशे से एक टैक्सी चालक हैं और उनके कंधों पर नौ सदस्यों वाले एक बड़े परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी है। बढ़ती महंगाई और सीमित आय के चलते परिवार का खर्च चलाना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा था। परिवार की इस आर्थिक तंगी को देखते हुए बेटियों ने हार मानने के बजाय आगे बढ़कर अपने पिता का सहारा बनने का साहसिक निर्णय लिया।

पढ़ाई के साथ-साथ कर रही हैं काम इन बेटियों के जज्बे की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने अपनी शिक्षा से कोई समझौता नहीं किया है। दोनों बहनें सुबह के समय कॉलेज जाकर अपनी पढ़ाई पूरी करती हैं और उसके बाद ई-रिक्शा लेकर सड़कों पर निकल पड़ती हैं। यात्रियों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाकर वे रोजाना 200 से 300 रुपये तक की कमाई कर लेती हैं। उनकी यह कमाई आज परिवार के दैनिक खर्चों को पूरा करने में एक अहम भूमिका निभा रही है।

समाज के तानों को किया दरकिनार सड़कों पर ई-रिक्शा लेकर उतरना इन बहनों के लिए इतना आसान नहीं था। शुरुआत में उन्हें समाज की हिचकिचाहट और लोगों की अजीब निगाहों का सामना करना पड़ा। लेकिन अपने मजबूत इरादों के चलते उन्होंने कभी हार नहीं मानी। आज उनके इसी जज्बे को देखकर धीरे-धीरे लोगों की सोच बदल रही है और हर कोई उनके साहस की सराहना कर रहा है। खुद उनके पिता भी अपनी बेटियों की इस पहल से बेहद खुश हैं और उनका कहना है कि ‘बेटियां ही अपने पिता का असली अभिमान हैं।’

पिता ने कभी बेटों से कम नहीं समझा”अपने संघर्ष और काम के प्रति समर्पण को लेकर दोनों बहनों का कहना है,”हमारे पिता ने हमें कभी बेटों से कम नहीं समझा। आज जब उन्हें हमारी सबसे ज्यादा जरूरत है, तो हम पीछे कैसे हट सकती हैं। ई-रिक्शा चलाना हमारे लिए सिर्फ कोई काम नहीं है, बल्कि यह हमारे परिवार के लिए गर्व की बात है।”

कायमगंज की इन बेटियों ने आज यह साबित कर दिया है कि अगर हौसला हो तो बेटियां किसी से कम नहीं होतीं। वे न सिर्फ अपने परिवार का मजबूत आर्थिक स्तंभ बन रही हैं, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति नजरिया बदलने का एक बड़ा माध्यम भी साबित हो रही हैं।

नोट — फोटो AI द्वारा बनाया गया है यह केवल एक प्रतीकमात्र है इसको सत्य न समझे यह फोटो केवल आपको समझाने के लिए बनाया गया है।

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