समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अमेरिका के साथ हुए भारत के अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने इस डील को देश की घरेलू अर्थव्यवस्था और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के लिए नुकसानदेह बताते हुए सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने भारत के करीब 500 अरब डॉलर के विशाल बाजार को अमेरिका के हवाले कर दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को देश की औद्योगिक ताकत का प्रतीक बताया गया था, उसका शेर अब जंग खा चुका है। उनके मुताबिक यह समझौता आत्मनिर्भर भारत के दावों के बिल्कुल विपरीत है।
सपा प्रमुख ने सरकार की नीतियों में विरोधाभास की ओर इशारा करते हुए कहा कि एक तरफ हवाई अड्डों पर मोटे अनाज यानी मिलेट्स के प्रचार-प्रसार के बड़े-बड़े विज्ञापन लगाए जा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर इन्हीं उत्पादों का आयात विदेशों से किया जा रहा है। उन्होंने इसे घरेलू किसानों और उत्पादकों के साथ अन्याय बताया।
अखिलेश यादव ने घास एवं चारा अनुसंधान संस्थान का हवाला देते हुए कहा कि पशु आहार का आयात स्थानीय उत्पादन और शोध को कमजोर कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश में दूध उत्पादन का कार्य मुख्य रूप से पिछड़े और दलित वर्ग के लोग करते हैं, लेकिन सरकार उनकी अनदेखी कर विदेशी कंपनियों को लाभ पहुंचा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब देश में महंगाई, बेरोजगारी और किसानों से जुड़े बुनियादी मुद्दों पर चर्चा की बात आती है, तो भाजपा जानबूझकर सावरकर जैसे विषयों को सामने ले आती है, ताकि लोगों को इतिहास की बहस में उलझाकर मौजूदा समस्याओं से ध्यान भटकाया जा सके।
