एटा। जनपद में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह के निर्देशानुसार अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सत्य प्रकाश की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पूर्व में किए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए सड़क सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए।
अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि एटा-टूंडला मार्ग पर जहां सड़क निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, वहां नगर पालिका द्वारा सड़क किनारे इंटरलॉकिंग कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके।
बैठक में एआरटीओ द्वारा जानकारी दी गई कि जनपद में विशेष अभियान चलाकर गैर-पंजीकृत ई-रिक्शा के संचालन पर प्रभावी रोक लगाई जा रही है। साथ ही माध्यमिक, बेसिक शिक्षा एवं यातायात विभाग के संयुक्त अभियान के अंतर्गत 15 वर्ष से अधिक पुराने, बिना फिटनेस प्रमाणपत्र अथवा समाप्त परमिट वाले स्कूली वाहनों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी अवैध या अयोग्य वाहन से दुर्घटना होने की स्थिति में संबंधित विद्यालय संचालक पूर्णतः जिम्मेदार होंगे।समस्त विद्यालय प्रबंधनों को निर्देशित किया जा चुका कि वे अपने वाहनों की वैधता, फिटनेस एवं चालकों की योग्यता की अनिवार्य रूप से जांच कराएं तथा प्रशिक्षित चालकों से ही वाहन संचालित कराएं।
बैठक से अनुपस्थित रहने पर एआरएम रोडवेज को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, सड़क दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार वाहन चालकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन स्तर से ऐसे चालकों के लाइसेंस निलंबन के निर्देश प्राप्त हो चुके हैं, जिनके अनुपालन हेतु पुलिस विभाग आवश्यक सूचनाएं परिवहन विभाग को उपलब्ध कराएगा।
अधिकारियों को सड़क सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश देते हुए प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन कर स्वयं तथा अन्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
बैठक में अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी ललित कुमार अग्रवाल, आदेश कुमार वर्मा, एआरटीओ सत्येंद्र कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. इंद्रजीत प्रजापति सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
