कायमगंज/फर्रुखाबाद
नगर में आवारा पशुओं की समस्या अब एक गंभीर और जानलेवा रूप ले चुकी है। कुकीखेल मोहल्ले में मस्जिद के पास दो सांडों के बीच हुए हिंसक संघर्ष में एक सांड की मौके पर ही मौत हो गई। जुम्मे की नमाज से ठीक पहले हुई इस घटना से इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
बीच सड़क पर शव पड़े होने से लगा जाम ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सांडों की भिड़ंत इतनी भीषण थी कि सड़क पर चल रहे राहगीरों में भगदड़ मच गई। लड़ाई के बाद मृत सांड बीच सड़क पर ही पड़ा रहा, जिससे मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय नागरिकों ने बिना देरी किए नगर पालिका प्रशासन को इसकी सूचना दी।
गौरक्षकों ने जेसीबी की मदद से हटाया शव ।
घटना की सूचना मिलते ही गौ रक्षक दल के प्रभारी आकाश कश्यप अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने नगर पालिका से तत्काल जेसीबी मशीन मंगवाई। काफी मशक्कत के बाद मृत सांड को सड़क से उठाया गया और उसे एक सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया, जिसके बाद यातायात सुचारू हो सका।
प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप ।
इस घटना ने शहरवासियों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। स्थानीय लोगों में नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। नागरिकों का कहना है कि मुख्य सड़कों और बाजारों में दिनभर सांडों के झुंड मंडराते रहते हैं, जिससे हर समय किसी बड़ी दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन इन आवारा पशुओं को पकड़ने या गौशाला भेजने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। गौरतलब है कि इन पशुओं के कारण पहले भी कई लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं और कुछ अपनी जान भी गंवा चुके हैं।
इस समस्या पर नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. शरद गंगवार ने अपनी विवशता जाहिर करते हुए कहा, “इन पशुओं को पकड़वाना तो आसान है, किंतु उन्हें सुरक्षित स्थानों पर छुड़वाना एक बड़ी समस्या है। यदि शासन-प्रशासन इन छुट्टा पशुओं के लिए भूमि आवंटित कराता है, तभी इनको पकड़वा कर वहां भिजवाया जा सकता है |
