फतेहगढ़/ फर्रुखाबाद/
उत्तर प्रदेश विधान परिषद आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन-2026 को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी तेज कर दी है। मतदान प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे और आयोग के निर्देशों का पूरी तरह पालन हो, इसके लिए जनपद में 30 माइक्रो प्रेक्षकों की तैनाती की गई है। इनकी जिम्मेदारी मतदान केंद्रों पर होने वाली महत्वपूर्ण गतिविधियों पर नजर रखने और निर्धारित नियमों के अनुपालन की निगरानी करने की होगी।
इसी सिलसिले में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षक डॉ. हीरालाल, आईएएस (2009 बैच) की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में माइक्रो प्रेक्षकों एवं संबंधित अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने, मतदान के दौरान सतर्कता बरतने और प्रत्येक जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्पक्षता से करने के निर्देश दिए गए।
30 माइक्रो प्रेक्षकों की तैनाती, मतदान केंद्रों पर रहेगी पैनी नजर
बैठक में प्रेक्षक डॉ. हीरालाल ने स्पष्ट किया कि विधान परिषद स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन के दौरान माइक्रो प्रेक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। जनपद के निर्धारित मतदान स्थलों पर नियुक्त किए गए 30 माइक्रो प्रेक्षक निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करेंगे। उन्हें अपने-अपने आवंटित मतदान स्थलों पर मतदान प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन करना होगा, ताकि निर्वाचन स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया जा सके।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी माइक्रो प्रेक्षक अपने दायित्वों को गंभीरता से लें और मतदान के दौरान होने वाली प्रत्येक महत्वपूर्ण गतिविधि पर सतर्क दृष्टि बनाए रखें। निर्वाचन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर निर्धारित नियमों के अनुसार संबंधित प्रेक्षक के संज्ञान में मामला लाया जाए, जिससे समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
चेकलिस्ट के आधार पर होगा सत्यापन, मतदान के बाद सौंपनी होगी रिपोर्ट
प्रेक्षक ने माइक्रो प्रेक्षकों को निर्देशित किया कि वे मतदान के दौरान निर्धारित चेकलिस्ट के प्रत्येक महत्वपूर्ण बिंदु का अवलोकन और सत्यापन सुनिश्चित करें। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्धारित चेकलिस्ट के आधार पर अपनी आख्या तैयार कर प्रस्तुत करें। इससे मतदान के दौरान अपनाई गई प्रक्रियाओं की समीक्षा करने और निर्वाचन व्यवस्था की प्रभावी निगरानी में सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी तय है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी और माइक्रो प्रेक्षक आपसी समन्वय के साथ काम करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूरी गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
निष्पक्षता से समझौता नहीं, हर अधिकारी निभाए जिम्मेदारी
बैठक के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना सभी संबंधित अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। माइक्रो प्रेक्षक अपने निर्धारित दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्पक्षता, सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ करें। मतदान के दौरान किसी महत्वपूर्ण तथ्य या निर्धारित प्रक्रिया से जुड़ी स्थिति को नजरअंदाज न किया जाए, बल्कि नियमानुसार संबंधित प्रेक्षक को अवगत कराया जाए।
प्रेक्षक ने अधिकारियों को निर्वाचन आयोग की मंशा के अनुरूप कार्य करने और मतदान व्यवस्था को स्वतंत्र एवं शांतिपूर्ण बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना आवश्यक है।
अधिकारियों की मौजूदगी में निर्वाचन व्यवस्था की समीक्षा
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार, जिला विकास अधिकारी श्याम कुमार तिवारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए कपिल कुमार, उप जिलाधिकारी सदर संजय कुमार, उप जिलाधिकारी न्यायिक सदर दीपक माथुर, प्रेक्षक के लाइजनिंग ऑफिसर एवं सहायक आयुक्त खाद्य महेंद्र श्रीवास्तव तथा सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी संजीव कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के माध्यम से सभी संबंधित अधिकारियों और माइक्रो प्रेक्षकों को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराते हुए निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी, स्वतंत्र और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
