‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ में रंगोली के माध्यम से दिया सेवा और राष्ट्रभक्ति का संदेश
जनरल फोर्स ब्यूरो
एटा। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ कार्यक्रम का आयोजन अविनाशी सहाय आर्य इंटर कॉलेज, एटा में किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं द्वारा तैयार की गई भव्य रंगोली आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। रंगोली के माध्यम से सेवा, राष्ट्रभक्ति, स्वच्छता, महिला सशक्तीकरण एवं विकसित भारत का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ फीता काटकर नहीं, बल्कि भारतीय परंपरा के अनुरूप फीते की गांठ खोलकर किया गया। इसके पश्चात मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया गया।
कार्यक्रम में एटा जिला प्रभारी श्री नागेंद्र सिकरवार जी, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री प्रमोद गुप्ता जी, सदर विधायक श्री विपिन वर्मा जी, अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य श्री संदीप जैन जी, वरिष्ठ समाजसेवी एवं क्षत्रिय समाज के युवा जिलाध्यक्ष श्रीदेव सोलंकी जी,महिला मोर्चा संयोजक श्रीमती अर्चनाडोली सक्सेना जी श्री कैलाश मंडल अध्यक्ष श्रीमती कल्पना गुप्ता जी। सहित भाजपा के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता भाई और बहनें उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में तैयार की गई मुख्य रंगोली की संरचना एवं विषय-वस्तु की रूपरेखा सह-संयोजक श्रीमती राजकुमारी सीमा वार्ष्णेय द्वारा तैयार की गई। रंगोली में प्रधानमंत्री जी के 25 वर्षों के कार्य, एटा की प्रमुख उपलब्धियों, मेडिकल कॉलेज, जवाहर तापीय परियोजना, सेवा, राष्ट्रभक्ति, स्वच्छता, महिला सशक्तीकरण एवं विकसित भारत जैसे विषयों को रचनात्मक रूप से दर्शाया गया।
इस भव्य रंगोली को विद्यालय की छात्राओं ने अपनी कला, मेहनत और रचनात्मकता से साकार किया। रंगोली बनाने वाली छात्राओं में कृति राजपूत, वंदना, अनामिका राजपूत, दीक्षा, अंजली राजपूत, सुकेश राजपूत, सुभी राजपूत, अदिति यादव, शालिनी यादव, मोनिका एवं दीप्ति शामिल रहीं।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने छात्राओं की प्रतिभा एवं रचनात्मकता की सराहना की। सदर विधायक श्री विपिन वर्मा जी एवं अन्य अतिथियों द्वारा रंगोली तैयार करने वाली छात्राओं को उपहार एवं धनराशि भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम की संयोजक सुश्री आशीष राजपूत तथा सह-संयोजक श्रीमती राजकुमारी सीमा वार्ष्णेय के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में सेवा भावना, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक जिम्मेदारी और रचनात्मकता को बढ़ावा देना रहा।

