801 अनफिट वाहनों पर कार्रवाई के निर्देश, बिना मानक कोई वाहन नहीं चलेगा
अलीगढ़। आयुक्त अलीगढ़ मण्डल अलीगढ़ संगीता सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को कमिश्नरी सभागार में अलीगढ़ मण्डल के समस्त जिलों में संचालित स्कूली बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से वाहनों के सत्यापन एवं ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त मंशाराम यादव, अपर जिलाधिकारी नगर किंशुक श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक यातायात प्रवीण कुमार, संयुक्त शिक्षा निदेशक डा0 मुकेश गिरि, सम्भागीय परिवहन अधिकारी दीपक कुमार शाह, समस्त सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं खण्ड शिक्षा अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
एडी बेसिक ने बताया कि मण्डल भर में 13,031 विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 2011 यूपी बोर्ड, 172 सीबीएसई, 08 आईसीएसई और 10,840 अन्य विद्यालय शामिल हैं। इसके सापेक्ष अब तक केवल 1675 विद्यालयों का ही ऑनबोर्डिंग हो पाया है, जिस पर आयुक्त ने असंतोष व्यक्त करते हुए कड़े निर्देश दिए कि 14 अप्रैल 2026 तक शत-प्रतिशत विद्यालयों को यूपी इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल पर अनिवार्य रूप से ऑनबोर्ड किया जाए।
आरटीओ दीपक शाह ने स्कूली वाहनों की स्थिति के बारे में बताया गया कि मण्डल में 2434 वाहन संचालित हैं, जिनमें 1633 वाहन फिट और 801 वाहन अनफिट पाए गए हैं। आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी प्रकार के स्कूली वाहन चाहे विद्यालय के स्वामित्व वाले हों, अनुबंधित हों या निजी संचालकों द्वारा संचालित हों, सभी को पोर्टल पर पंजीकृत किया जाना अनिवार्य है। इसके लिए पहले विद्यालयों का ऑनबोर्ड होना आवश्यक होगा।
उन्होंने निर्देशित किया कि ब्लॉक स्तर पर खण्ड शिक्षा अधिकारियों एवं एआरटीओ के समन्वय से व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया के वीडियो व दिशा-निर्देश साझा किए जाएं, जिससे सभी विद्यालय निर्धारित समयसीमा में अपने वाहनों का विवरण पोर्टल पर अपलोड कर सकें।
सत्यापन एवं चेकिंग को लेकर आयुक्त संगीता सिंह ने सम्भागीय परिवहन अधिकारी एवं सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारियों को निर्देशित किया कि 15 अप्रैल तक सभी स्कूली वाहनों की फिटनेस का सत्यापन नियमानुसार पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता क्षम्य नहीं होगी।
मंडलायुक्त ने मण्डल के सभी पुलिस अधीक्षक यातायात को निर्देश दिए कि अपने-अपने जिलों में स्कूली वाहनों की नियमित चेकिंग कराएं। यदि कोई वाहन फर्श, शीशे, जाली, सीट या आपातकालीन द्वार आदि मानकों में खरा न उतरे तो उसके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करते हुए आयुक्त कार्यालय को सूचित किया जाए।
बैठक में यह भी बताया गया कि 01 से 07 अप्रैल तक 720 विद्यालय ऑनबोर्ड, 1260 वाहन पंजीकृत एवं 952 वाहनों का निरीक्षण किया जा चुका है। निरीक्षण कार्य के लिए मण्डल में 35 इंस्पेक्टर तैनात किए गए हैं, जो निरंतर अभियान चला रहे हैं। आयुक्त ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। कोई भी वाहन बिना मानकों के सड़क पर नहीं चलने दिया जाएगा। सभी विभाग आपसी समन्वय से मिशन मोड में कार्य करें और निर्धारित समयसीमा में लक्ष्य पूर्ण करें, अन्यथा संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि विद्यालय प्रबंधन सभी वाहनों में जीपीएस, सीसीटीवी, स्पीड गवर्नर, फर्स्ट एड बॉक्स सहित सभी सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें और चालक का वैध लाइसेंस एवं अन्य दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करें। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को केवल पंजीकृत एवं मानक अनुरूप वाहनों से ही विद्यालय भेजें और किसी भी अनियमितता की सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।
