कायमगंज/फर्रुखाबाद।
मां दुर्गा के जयकारों, ढोल-नगाड़ों की गूंज और भक्तिमय माहौल के बीच कायमगंज नगर में आयोजित मां दुर्गा प्रतिमा विसर्जन यात्रा के दौरान श्रद्धा और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। रामनवमी और दशहरा के पावन अवसर पर निकली विसर्जन यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। जगह-जगह माता के भक्तों का स्वागत किया गया। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन कर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
भंडारे में श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
कायमगंज नगर में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापना के बाद आयोजित विसर्जन यात्रा के दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। माता रानी के जयकारों के साथ आगे बढ़ रही यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था ने पूरे माहौल को धार्मिक रंग में रंग दिया। श्रद्धालुओं की सेवा के लिए विभिन्न स्थानों पर व्यवस्थाएं की गई थीं।
इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष सुबोध गुप्ता उर्फ मंसाराम के प्रतिष्ठान एवं जिला कार्यालय पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आपसी सहयोग से भंडारे की व्यवस्था संभाली। यहां से गुजरने वाले विसर्जन यात्रा के श्रद्धालुओं, भक्तों और राहगीरों ने प्रसाद ग्रहण किया।
भंडारे के दौरान सेवा और सहयोग की भावना दिखाई दी। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं की सेवा करना और पर्व की खुशियों को आपस में साझा करना रहा।
संगठन के पदाधिकारियों ने संभाली व्यवस्था
विशाल भंडारे को सफल बनाने में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष सुबोध गुप्ता उर्फ मंसाराम के साथ दिलीप वर्मा, अर्चित गुप्ता उर्फ छोटू, विशाल गुप्ता और अमोल सैनी का विशेष योगदान रहा। सभी ने मिलकर आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग किया और श्रद्धालुओं की सेवा में सहभागिता निभाई।
इस अवसर पर महेश वर्मा, गौरव वर्मा, हेमंत गंगवार, हर्षित गुप्ता, अन्नू गुप्ता, पारस गुप्ता, पुनीत गुप्ता, अशोक गुप्ता, राम भारद्वाज, नन्हे राजपूत, अनिकेत और अजय सक्सेना सहित कई गणमान्य व्यक्ति, संगठन के सदस्य एवं भक्तगण मौजूद रहे।
धार्मिक आयोजनों में सेवा और सहयोग का संदेश
मां दुर्गा की विसर्जन यात्रा के अवसर पर आयोजित इस भंडारे ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सहभागिता का संदेश भी दिया। ऐसे आयोजनों से लोगों में आपसी सहयोग, सद्भाव और सेवा की भावना मजबूत होती है। श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों की सहभागिता ने आयोजन को विशेष बना दिया।
