UPSC 2025: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में राजस्थान के अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर देशभर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। एक विशेष इंटरव्यू में उन्होंने अपनी सफलता की कहानी, तैयारी की रणनीति और अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण सलाह साझा की।
रिजल्ट का पल: भावनाओं से भरा अनुभव
अनुज अग्निहोत्री के अनुसार जब UPSC का परिणाम घोषित हुआ तो वह पल उनके लिए बेहद अविश्वसनीय और भावुक था। उन्हें कुछ समय लगा यह समझने में कि उन्होंने देश में पहला स्थान हासिल किया है।
जब उन्होंने यह खबर अपने माता-पिता को बताई तो वह पल बेहद भावनात्मक था। उनके माता-पिता उसी समय उनके साथ मौजूद थे। परिवार ने मिलकर इस सफलता का जश्न मनाया। दिलचस्प बात यह है कि उन्हें सबसे पहले उनके एक दोस्त ने फोन करके बताया कि उन्होंने UPSC में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की है।
शिक्षा और UPSC की शुरुआत
अनुज अग्निहोत्री ने AIIMS जोधपुर से MBBS की पढ़ाई पूरी की है। कॉलेज के दौरान ही उनके मन में सिविल सेवा में जाने का विचार आया। उन्हें लगा कि प्रशासनिक सेवा के माध्यम से वे समाज के लिए बड़े स्तर पर काम कर सकते हैं।
उन्होंने अपनी मेडिकल इंटर्नशिप के दौरान UPSC की गंभीर तैयारी शुरू की। उनका पहला प्रयास वर्ष 2023 में था, जिसमें उन्हें DANICS (दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप सिविल सेवा) में चयन मिला। हालांकि उनका लक्ष्य इससे भी बड़ा था। लगातार मेहनत करते हुए उन्होंने तीसरे प्रयास में UPSC 2025 में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर ली।
MBBS के साथ UPSC की तैयारी
मेडिकल पढ़ाई के साथ UPSC की तैयारी करना आसान नहीं था। मेडिकल छात्रों का शेड्यूल काफी व्यस्त होता है और अस्पताल में लंबी ड्यूटी भी करनी पड़ती है।
अनुज बताते हैं कि उनके सीनियर्स, जूनियर्स और बैचमेट्स ने उनकी काफी मदद की। उन्होंने काम के बंटवारे में सहयोग किया ताकि अनुज पढ़ाई के लिए समय निकाल सकें। बाद में जब वह घर लौटकर पूरी तरह UPSC की तैयारी करने लगे तो परिवार का समर्थन उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बना।
अनुशासन और दैनिक दिनचर्या
अनुज का मानना है कि उनकी तैयारी में अनुशासन का बहुत बड़ा योगदान रहा। पहले प्रयास के दौरान उनकी दिनचर्या काफी सख्त थी।
- सुबह 6 बजे उठना
- रात 11 से 11:30 बजे सोना
- रोज लगभग 8 से 9 घंटे पढ़ाई
हालांकि दिलचस्प बात यह है कि जिस प्रयास में उन्होंने टॉप किया, उसमें उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ थोड़ा सामाजिक जीवन और मनोरंजन भी बनाए रखा। उनके अनुसार मानसिक रूप से तरोताजा रहना भी सफलता के लिए जरूरी होता है।
कोई पछतावा नहीं, परिवार के साथ समय
कई लोग मानते हैं कि UPSC की तैयारी के दौरान सामाजिक जीवन छूट जाता है, लेकिन अनुज को इसका कोई पछतावा नहीं है। इसके बजाय वह कहते हैं कि उन्हें इस दौरान अपने माता-पिता के साथ समय बिताने का मौका मिला, जो आगे नौकरी शुरू होने के बाद मुश्किल हो जाता है।
उनके परिवार में पिता कृष्ण बिहारी अग्निहोत्री, माता मंजू अग्निहोत्री और उनके बड़े भाई अंशुल अग्निहोत्री हैं, जो एक निजी कंपनी में काम करते हैं। परिवार ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया।
सोशल मीडिया और कोचिंग की भूमिका
तैयारी के दौरान अनुज ने अधिकांश सोशल मीडिया ऐप्स को अपने फोन से हटा दिया था ताकि ध्यान भटकने से बच सके। हालांकि वह ट्विटर (अब X) का उपयोग करते थे ताकि उन्हें करंट अफेयर्स की जानकारी मिलती रहे।
उन्होंने कुछ कोचिंग संस्थानों से भी मार्गदर्शन लिया, जिनमें Ensure IAS शामिल है। विशेष रूप से मॉक इंटरव्यू ने उन्हें इंटरव्यू राउंड की तैयारी में काफी मदद की। इसके अलावा दोस्तों के साथ चर्चा से भी उन्हें महत्वपूर्ण सुझाव मिले।
भविष्य का लक्ष्य
अनुज अग्निहोत्री का सपना है कि वह सिविल सेवा के माध्यम से समाज के लिए सकारात्मक बदलाव ला सकें। मेडिकल बैकग्राउंड होने के कारण वह विशेष रूप से स्वस्थ और खेल-प्रधान समाज बनाने की दिशा में काम करना चाहते हैं।
UPSC अभ्यर्थियों के लिए सलाह
- असफलता को प्रक्रिया का हिस्सा समझें और उससे सीखें
- अपने लक्ष्य के पीछे का कारण स्पष्ट रखें
- समय का सही प्रबंधन और प्राथमिकता तय करें
उनके अनुसार धैर्य, निरंतर मेहनत और सकारात्मक सोच से ही UPSC जैसी कठिन परीक्षा में सफलता मिलती है।
निजी पसंद और रुचियां
अनुज की पसंद भी काफी दिलचस्प है। उनका पसंदीदा खाना आलू की चाट है। हाल ही में उन्होंने “धुरलदर” फिल्म देखी, जो उन्हें पसंद आई। उनके पसंदीदा स्टार महेंद्र सिंह धोनी हैं।
खुद को तरोताजा रखने के लिए वह म्यूजिक सुनना, शारीरिक गतिविधियां करना और लोगों से बातचीत करना पसंद करते हैं। उनका पसंदीदा गाना “मुझको भी लिफ्ट करा दे” है।
प्रेरणादायक सफलता की कहानी
AIIMS के एक मेडिकल छात्र से UPSC 2025 के ऑल इंडिया टॉपर बनने तक का अनुज अग्निहोत्री का सफर लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है। उनकी कहानी यह बताती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत लगातार की जाए और परिवार का साथ मिले, तो किसी भी बड़े सपने को पूरा किया जा सकता है।
उनकी सफलता यह संदेश देती है कि धैर्य, संतुलन और दृढ़ संकल्प के साथ हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है।
