अमृतपुर/फर्रुखाबाद।
थाना अमृतपुर से पुलिस की शर्मनाक कार्यशैली का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक अधिवक्ता को थाने में बुलाकर कथित रूप से उसकी पैंट-कोट उतरवा दी गई और उसे अपमानित किया गया। इस मामले में थानाध्यक्ष रक्षा सिंह पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह आरोप अधिवक्ता धर्मेंद्र सिंह राजपूत द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर लगाए गए हैं।
प्रार्थना पत्र में अधिवक्ता धर्मेंद्र सिंह राजपूत ने आरोप लगाया है कि वह एक मामले के सिलसिले में थाना अमृतपुर पहुंचे थे, जहां थानाध्यक्ष रक्षा सिंह व अन्य पुलिसकर्मियों द्वारा उनके साथ अभद्रता की गई। आरोप है कि थाने के अंदर ही उनकी ड्रेस उतरवा दी गई, जिससे उन्हें भारी अपमान का सामना करना पड़ा।
कानून के मंदिर में कानून का अपमान अमृतपुर थानाध्यक्ष फिर विवादों में
इस घटना की खबर फैलते ही अधिवक्ताओं में जबरदस्त आक्रोश फैल गया। अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक अधिवक्ता का नहीं बल्कि पूरे अधिवक्ता समाज का अपमान है। अगर थाने में वकील के साथ ऐसा व्यवहार होगा तो आम जनता के साथ क्या होता होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
अधिवक्ता धर्मेंद्र सिंह राजपूत ने उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
यह मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है और पूरे मामले को लेकर प्रशासन की किरकिरी हो रही है।
