Nepal Election: नेपाल में इस बार हुए पार्लियामेंट्री चुनावों ने बड़ी पॉलिटिकल उथल-पुथल मचा दी है। 5 मार्च को वोटिंग के बाद आए नतीजों के मुताबिक, चार साल पहले बनी नेशनल इंडिपेंडेंट पार्टी (RSP) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। पार्टी की इस शानदार जीत के साथ ही, पूर्व रैपर और काठमांडू के पूर्व मेयर बलेन शाह के प्रधानमंत्री बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। चुनाव आयोग के मुताबिक, अब तक घोषित नतीजों में RSP ने 112 सीटें जीती हैं, जबकि 13 सीटों पर आगे चल रही है।
इस पार्टी की स्थापना महज चार साल पहले पत्रकार रवि लामिछाने ने की थी, लेकिन बहुत कम समय में इसने नेपाली पॉलिटिक्स में अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। दूसरी बड़ी पार्टियों की बात करें तो नेपाली कांग्रेस ने 16 सीटें जीती हैं और एक सीट पर आगे चल रही है। वहीं, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (UML) ने 7 सीटें जीती हैं और 3 सीटों पर आगे चल रही है। इसके अलावा, नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी ने 5 सीटें जीत ली हैं और 3 सीटों पर आगे चल रही है। अन्य दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 3 सीटें जीती हैं और 2 सीटों पर आगे चल रहे हैं। कई प्रमुख नेताओं ने भी चुनावों में जीत हासिल की है।
आरएसपी अध्यक्ष रवि लामिछाने ने चितवन-2 सीट से 54,402 वोटों के साथ जीत हासिल की। उन्होंने मीना कुमारी खरेल को बड़े अंतर से हराया। वहीं, नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ने रुकुम पूर्व सीट से जीत हासिल की। इस चुनाव की सबसे बड़ी खबर बलेन शाह की जीत रही। पूर्व रैपर और काठमांडू के पूर्व मेयर शाह ने झापा-5 सीट से चुनाव जीतकर सभी को चौंका दिया। उन्होंने नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को बड़े अंतर से हराया। शाह को 68,348 वोट मिले, जबकि ओली को 18,734 वोटों से संतोष करना पड़ा। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद केपी शर्मा ओली ने भी बलेन शाह को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘बलेन बाबू, आपकी जीत पर हार्दिक बधाई। आपका पांच साल का कार्यकाल आसान और सफल हो, यही मेरी शुभकामनाएं हैं।’
गौरतलब है कि नेपाली संसद की कुल 275 सीटों में से 165 सीटों पर सीधे चुनाव होता है। इस चुनाव में 10 महिला उम्मीदवार भी जीती हैं, जिनमें से 9 RSP से और एक नेपाली कांग्रेस से हैं। इन नतीजों ने साफ संकेत दिया है कि नेपाली राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने वाला है।
