काठमांडू। नेपाल के आम चुनाव 2026 के नतीजों ने दक्षिण एशिया की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) की ऐतिहासिक जीत के बाद 35 वर्षीय बालेन शाह नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बनने की ओर बढ़ रहे हैं।
चुनाव में मिली इस बड़ी जीत के बाद भारत और नेपाल के रिश्तों को लेकर भी नई उम्मीदें जताई जा रही हैं। खासतौर पर बालेन शाह और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच उभरती सकारात्मक बातचीत चर्चा का विषय बनी हुई है।
मोदी ने दी बधाई, ‘आत्मीय’ बातचीत का जिक्र
चुनाव परिणाम आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बालेन शाह और आरएसपी के नेता रबी लामिछाने को फोन कर बधाई दी। पीएम मोदी ने इस बातचीत को ‘आत्मीय’ बताते हुए नेपाल की नई सरकार के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इसके जवाब में बालेन शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पीएम मोदी का आभार जताया। उन्होंने लिखा कि उन्हें विश्वास है कि आने वाले दिनों में नेपाल और भारत के ऐतिहासिक और बहुआयामी संबंध और मजबूत होंगे।
टी20 वर्ल्ड कप जीत पर भारत को दी बधाई
बालेन शाह ने खेल के मैदान में भी भारत के प्रति सकारात्मक संदेश दिया। अहमदाबाद में न्यूजीलैंड को हराकर भारत द्वारा लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप जीतने पर उन्होंने भारत सरकार और भारतीय जनता को बधाई दी। साथ ही क्रिकेट के प्रति अपने प्रेम को भी साझा किया।
भारत से पुराना नाता
बालेन शाह का भारत से पुराना संबंध रहा है। उन्होंने कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (VTU) से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। वे अंबेडकरवाद और नव-बौद्ध विचारधारा से प्रभावित माने जाते हैं।
मेयर रहते हुए रहे विवादों में
काठमांडू के मेयर रहते हुए बालेन शाह कई बार भारत को लेकर विवादित बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट के कारण चर्चा में रहे। उन्होंने ‘अखंड भारत’ से जुड़े नक्शे पर आपत्ति जताई थी और भारतीय फिल्मों के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग भी की थी।
हालांकि प्रधानमंत्री पद के करीब पहुंचते ही उनके रुख में कूटनीतिक संतुलन दिखाई दे रहा है।
रिश्तों में नई शुरुआत की उम्मीद
विश्लेषकों का मानना है कि बालेन शाह की जीत नेपाल की युवा पीढ़ी की राजनीतिक आकांक्षाओं का प्रतीक है। वे ‘नेपाल फर्स्ट’ के नारे के साथ सत्ता में आए हैं। वहीं भारत अपनी ‘नेबरहुड’ नीति के तहत नेपाल के साथ सहयोग को मजबूत करना चाहता है।
ऐसे में मोदी और बालेन शाह के बीच शुरुआती सकारात्मक संवाद को दोनों देशों के बीच विकास, ऊर्जा व्यापार और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में नए सहयोग की संभावनाओं के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
