नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले पर जेडीयू विधायक भावुक, बैठक में रो पड़े नेता
पटना। Nitish Kumar के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद Janata Dal (United) (जेडीयू) के मंत्री और विधायक भावुक हो गए। शुक्रवार शाम मुख्यमंत्री आवास पर हुई जेडीयू विधानमंडल दल की बैठक में कई नेताओं की आंखों से आंसू निकल आए।
बैठक में नीतीश कुमार ने सभी विधायकों और नेताओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वह कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों से हमेशा जुड़े रहेंगे तथा उनका मार्गदर्शन करते रहेंगे। उन्होंने कहा, “मैं हूं ना, किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है। विकास और सरकार से जुड़े कार्यों पर नजर रखूंगा और आप सभी की समस्याओं का समाधान करता रहूंगा।”
बैठक के बाद जेडीयू के प्रवक्ता Neeraj Kumar ने मीडिया को बताया कि मुख्यमंत्री के फैसले की जानकारी मिलने पर कई विधायक भावुक हो गए थे, लेकिन नीतीश कुमार ने सभी को आश्वस्त किया।
इस मौके पर मंत्री Shravan Kumar ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर ही यह बैठक बुलाई गई थी। बैठक में नीतीश कुमार ने साफ कहा कि वह अपने साथियों को छोड़कर कहीं नहीं जा रहे हैं और हमेशा उनके बीच रहेंगे। उन्होंने बताया कि राज्यसभा जाने की उनकी इच्छा थी, इसलिए उन्होंने नामांकन किया।
निशांत कुमार के राजनीति में आने पर सहमति
बैठक में नीतीश कुमार के बेटे Nishant Kumar के राजनीति में आने पर भी सहमति बनी। कई विधायकों ने उनके राजनीति में आने की मांग उठाई। इसके बाद पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष Sanjay Jha ने निशांत को पार्टी में शामिल करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी विधायकों और एमएलसी ने समर्थन दिया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि निशांत कुमार शनिवार को जेडीयू की सदस्यता लेंगे और आने वाले दिनों में बिहार का दौरा भी करेंगे।
राज्यसभा जाने के बाद बिहार को मिल सकता है नया मुख्यमंत्री
करीब दो दशक तक बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे Nitish Kumar ने गुरुवार को जेडीयू प्रत्याशी के रूप में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन कर नई राजनीतिक पारी की शुरुआत की है। उनके राज्यसभा सांसद बनने के बाद बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नई सरकार में Bharatiya Janata Party (भाजपा) का मुख्यमंत्री बन सकता है। वहीं, निशांत कुमार के राजनीति में सक्रिय होने के बाद उन्हें भविष्य में सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की भी अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि शुक्रवार की बैठक में इस विषय पर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई।
