दुर्घटना होने पर निरस्त होंगे ड्राइविंग लाइसेंस: जिलाधिकारी, पीएम राहत योजना का भी ऐलान।

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फर्रुखाबाद।

सूबे के जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुई। एआरटीओ के द्वारा बताया गया कि माह जनवरी 2026 में जनपद फर्रूखाबाद में 42 सड़क दुर्घटनाओं में 26 व्यक्तियों की मृत्यृ हुई। जबकि माह जनवरी 2025 में जनपद फर्रूखाबाद में 24 सड़क दुर्घटनाओं में 17 व्यक्तियों की मृत्यृ हुई थी। माह जनवरी 2026 में राष्ट्रीय राजमार्ग पर मृतकों की संख्या स्थिर रही, राज्य मार्ग पर मृतकों की संख्या में कमी आई है, मुख्य जिला मार्ग, अन्य जिला मार्ग तथा अन्य मार्गों पर वृद्धि हुई। जनपद की सीमान्तर्गत कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई। जिलाधिकारी द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि एवं मृत्यु दर के दृष्टिगत मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा-19 के अन्तर्गत चालन अनुज्ञप्ति के निरस्तीकरण की कार्यवाही के निर्देश पुलिस व परिवहन विभाग को दिये गये। वाहन अधिनियम 1988 की धारा-19 के अन्तर्गत आभ्यासिक अपराधी या आभ्यासिक शराबी, संज्ञेय अपराध करने में मोटर वाहन का उपयोग, जनता को न्यूसेन्स या खतरा कारित करने की सम्भावना आदि के आधार पर चालन अनुज्ञप्ति के निरस्तीकरण की कार्यवाही की जाती है। इस प्रकार धारा-19 का उद्देश्य स्पष्टतः जनहित एवं सड़क सुरक्षा की रक्षा करना है। जनपद में प्रत्येक माह एक या एक से अधिक व्यक्तियों की मृत्यु वाली घटित प्रत्येक दुर्घटना की सूचना प्राथमिकी, चालन अनुज्ञप्ति की संख्या आदि विवरण पुलिस विभाग के माध्यम से लाईसेन्सिंग प्राधिकारी/एआरटीओ (प्रशासन) को प्रेषित जायेगी। जनपद में 102 श्रेणी की 21, 108 श्रेणी की 22, नेशनल मेडिकल मोबाइल यूनिट की 2 तथा एएलएस की 5 एम्बुलेंस उपलब्ध हैं। दुर्घटनाओं के मामलों में प्रायः 108 श्रेणी की एम्बुलेंस का प्रयोग किया जाता है। एएलएस श्रेणी की एम्बुलेंस का प्रयोग जिला अस्पताल से गम्भीर मरीजों को उच्च केन्द्रों पर ले जाने के लिए किया जाता हैं। जनपद में 48 एम्बुलेन्स की सूचना प्राप्त है। अवगत कराया गया कि 108 एम्बुलेन्स का रिस्पॉस टाइम प्रदेश स्तर पर औसत रिस्पॉस टाइम से अधिक है। एम्बुलेंस रिस्पॉस टाइम को कम करने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिये गये।एआरटीओ द्वारा यह बताया गया कि ‘‘सड़क दुर्घटना पीड़ितोें का नकदी रहित उपचार स्कीम 2025’’ दिनांक 05-05-2025 को अधिसूचित की गयी है, जिसके अन्तर्गत मोटर वाहनों के उपयोग से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों के लिये दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों के लिये प्रति पीड़ित 1.5 लाख रूपये तक के उपचार का प्रावधान किया गया है। इस योजना का नाम परिवर्तित कर पीएम राहत योजना कर दिया गया है। जिलाधिकारी द्वारा पुलिस तथा चिकित्सा विभाग को पीएम राहत योजना के प्रशिक्षण के निर्देश दिये गये हैं। बैठक में अधिशासी अभियन्ता (प्राख), लोनिवि मुरलीधर, अधिशासी अभियन्ता (निख), लोनिवि अशोक कुमार, अधिशासी अभियन्ता विद्युत (नगरीय) बृजभान सिंह, एआरटीओ (प्रवर्तन) सुभाष राजपूत, एसीएमओ डा सर्वेश कुमार यादव, डीएसओ सुरेन्द्र यादव, एआरएम राजेश कुमार तथा अन्य समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

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