नई दिल्ली। साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च, मंगलवार को लगेगा। यह ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा, इसलिए इसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व माना जा रहा है। ग्रहण को लेकर देश में कई परंपराएं और मान्यताएं प्रचलित हैं, जिनका पालन बड़ी संख्या में लोग करते हैं।
भारत में चंद्र ग्रहण की टाइमिंग
भारतीय समयानुसार चंद्र ग्रहण दोपहर 03 बजकर 23 मिनट से शुरू होगा और शाम 06 बजकर 47 मिनट तक रहेगा।
भारत में ग्रहण का स्पर्श काल शाम 05 बजकर 17 मिनट पर माना जाएगा। मान्यता के अनुसार सूतक काल पूरे दिन प्रभावी रहेगा और ग्रहण समाप्ति के साथ ही सूतक भी समाप्त हो जाएगा।
ग्रहण समाप्ति के बाद करें ये 5 कार्य
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण का प्रभाव मनुष्य और जीव-जंतुओं पर पड़ता है। इसलिए ग्रहण समाप्त होने के बाद कुछ विशेष कार्य करने की परंपरा है—
1. घर की सफाई
ग्रहण समाप्त होते ही घर की अच्छी तरह साफ-सफाई करें। संभव हो तो घर को पानी से धोएं।
2. स्नान और शुद्धि
साफ-सफाई के बाद स्वयं स्नान करें। जनेऊ धारण करने वाले लोग नियमों के अनुसार जनेऊ बदलें।
3. मंदिर की शुद्धि और पूजा
ग्रहण से पहले घर के मंदिर को ढक दिया जाता है। ग्रहण समाप्ति के बाद मंदिर को जल से शुद्ध करें, देव प्रतिमाओं का स्नान कराकर विधि-विधान से पूजा करें।
4. दान-पुण्य
ग्रहण समाप्ति के बाद जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र, अनाज आदि का दान करें। मान्यता है कि इससे अशुभ प्रभाव कम होता है।
5. पशु-पक्षियों को आहार
गाय को हरा चारा खिलाएं। मछलियों को आटे की गोलियां डालें और कुत्ते को रोटी खिलाएं।
चंद्र ग्रहण को लेकर धार्मिक आस्था के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी महत्वपूर्ण है। श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार नियमों का पालन करते हैं।
