फर्रुखाबाद।
कस्बा राजपुर स्थित ओम पॉलीक्लिनिक एक बार फिर चर्चाओं में है।
अखबारों में प्रकाशित खबरों का संज्ञान लेते हुए एडिशनल सीएमओ ने रविवार को क्लीनिक का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
एडिशनल सीएमओ ने बताया, “मुझे ओम पॉलीक्लिनिक की शिकायत प्राप्त हुई थी, तो मैं वहाँ गया। हालांकि यह अक्सर नहीं मिलता है, लेकिन आज इत्तेफाक से मौके पर मिल गया। जब मैंने वहाँ देखा तो काफी मरीज बैठे हुए थे।”
उन्होंने आगे बताया कि क्लीनिक का पंजीकरण आयुर्वेदिक/यूनानी विभाग में है, लेकिन वहां एलोपैथिक दवाएं लिखी जा रही थीं। “क्लीनिक का आयुर्वेदिक-यूनानी में पंजीकरण है, लेकिन वह सिर्फ यूनानी या आयुर्वेदिक दवाएं नहीं लिख रहे हैं, बल्कि एलोपैथिक दवाएं लिख रहे हैं, जो एक आयुर्वेदिक डॉक्टर नहीं लिख सकता। इसके लिए वह अधिकृत नहीं है, यह आपत्तिजनक है।”
एडिशनल सीएमओ ने क्लीनिक संचालक को तीन दिन का समय देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं। “मैंने उन्हें तीन दिन का समय दिया है और कार्यालय पहुंचकर नोटिस भी जारी करूंगा। उनसे अपेक्षा है कि वे शीघ्र एलोपैथिक में पंजीकरण कराएं और प्रॉपर एमबीबीएस डॉक्टर की व्यवस्था करें, अन्यथा उनके खिलाफ इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट की धारा 15(3) के तहत कार्रवाई की जाएगी।”
इसके अलावा छेड़छाड़ के आरोपों पर उन्होंने कहा, “आप लोगों के चैनल के माध्यम से कुछ छेड़छाड़ की घटनाओं की जानकारी मिली है, हालांकि अभी तक कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। जैसे ही शिकायत मिलती है, उसमें भी आवश्यक जांच कर भारतीय दंड संहिता के तहत संगत धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।”
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
