Washington News: बांग्लादेश में आगामी 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निगाहें टिकी हुई हैं। शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद यह देश का पहला आम चुनाव है और इसी पृष्ठभूमि में राजनीतिक तथा सामाजिक माहौल को लेकर चिंताएं सामने आ रही हैं। अमेरिका ने बांग्लादेश में बढ़ते कट्टरपंथ और इसके संभावित प्रभावों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है, खासतौर पर धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर।
अमेरिकी कांग्रेस में आयोजित एक ब्रीफिंग के दौरान यह चेतावनी दी गई कि बांग्लादेश इस समय एक अहम राजनीतिक मोड़ पर खड़ा है। ब्रीफिंग में कहा गया कि चुनाव से पहले देश में अस्थिरता और कट्टरपंथी गतिविधियों के बढ़ने से अल्पसंख्यक समुदायों पर खतरा गहरा सकता है। अमेरिका ने जोर देते हुए कहा कि निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और समावेशी चुनाव बांग्लादेश के लोकतांत्रिक भविष्य के लिए बेहद जरूरी हैं।
अमेरिकी पक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय बांग्लादेश की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है और उम्मीद करता है कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान मानवाधिकारों की रक्षा तथा सभी समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
