भरत मिलाप में छलके आंसू, श्रीराम के राज्याभिषेक पर गूंजे जयकारे |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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कायमगंज/फर्रुखाबाद।

मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के वनवास से लौटने की खुशी, भाई भरत के साथ मिलन का भावुक दृश्य और राज्याभिषेक के पावन क्षण… इन अद्भुत दृश्यों ने कायमगंज की रामलीला को यादगार बना दिया। 14 वर्ष के वनवास के बाद प्रभु श्रीराम के अयोध्या लौटने और राजतिलक के साथ श्रीरामलीला समिति की ओर से आयोजित ऐतिहासिक रामलीला का भव्य समापन हुआ। अंतिम दिन पूरा वातावरण भक्ति, उल्लास और श्रद्धा से सराबोर नजर आया। पुरानी गल्ला मंडी चौराहे पर भरत मिलाप का मंचन देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे। जैसे ही प्रभु श्रीराम और भरत का मिलन हुआ, दर्शक भावुक हो उठे और कई लोगों की आंखें नम हो गईं। चारों ओर गूंजते ‘जय श्रीराम’ के जयकारों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।

भाई भरत से मिलते ही छलक उठीं आंखें, भावुक कर गया भरत मिलाप का दृश्य

रामलीला के अंतिम दिन पुरानी गल्ला मंडी चौराहे पर आयोजित भरत मिलाप ने श्रद्धालुओं के दिलों को छू लिया। भगवान श्रीराम के वनवास से लौटने की प्रतीक्षा में व्याकुल भरत और दोनों भाइयों के मिलन का मंचन इतना भावपूर्ण रहा कि वहां मौजूद लोग भावनाओं में बह गए। भाई के प्रति प्रेम, त्याग, समर्पण और मर्यादा का संदेश देने वाले इस प्रसंग ने दर्शकों को रामायण के आदर्शों से जोड़ दिया। प्रभु श्रीराम और भरत के मिलन के दौरान श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए। पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ पारिवारिक प्रेम और भाईचारे की अनूठी झलक देखने को मिली।

गुरु वशिष्ठ ने किया प्रभु श्रीराम का पहला तिलक, वैदिक मंत्रों के बीच हुआ राज्याभिषेक

भरत मिलाप के बाद सीपी ग्राउंड में राज्याभिषेक समारोह धार्मिक रीति-रिवाजों और वैदिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न हुआ। प्रभु श्रीराम के राजतिलक के पावन प्रसंग को देखने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। समारोह में सबसे पहले गुरु वशिष्ठ ने प्रभु श्रीराम का प्रथम तिलक कर उनका अभिनंदन किया। इसके बाद अन्य विप्रजनों और ब्राह्मणों को पूजन एवं तिलक करने का अवसर दिया गया।

पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ संपन्न हुए राज्याभिषेक ने रामराज्य की अवधारणा को जीवंत कर दिया। मर्यादा, न्याय, जनकल्याण और आदर्श शासन के प्रतीक प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक के दृश्य ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पूरा परिसर भक्तिमय बना रहा और जय श्रीराम के जयकारे गूंजते रहे।

समिति अध्यक्ष से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक ने किया प्रभु का तिलक

राज्याभिषेक समारोह के अंतिम चरण में श्रीरामलीला समिति के अध्यक्ष सत्य प्रकाश अग्रवाल सहित शहर के गणमान्य नागरिकों और अधिकारियों ने मंच पर पहुंचकर प्रभु श्रीराम का तिलक किया तथा आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, मिथलेश अग्रवाल, क्षेत्राधिकारी अजय वर्मा, कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार शुक्ला, संजय गुप्ता, राम प्रकाश यादव, राजेश अग्निहोत्री, आदेश अग्निहोत्री, डॉ. विकास शर्मा, अमित सेठ, पीयूष अग्रवाल, पिंटू राठौर, रश्मि दुबे और मधु गंगवार समेत अनेक लोग मौजूद रहे।

समारोह में श्रद्धालुओं और नगर के गणमान्य लोगों की भागीदारी ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया। सभी ने प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया।

आरती के साथ हुआ रामलीला का समापन, श्रद्धालुओं ने लिया प्रभु का आशीर्वाद

प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक के बाद विधिवत पूजन और आरती की गई। इसके साथ ही इस वर्ष आयोजित रामलीला का समापन हो गया। अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में पहुंचे और भरत मिलाप से लेकर राज्याभिषेक तक के पावन प्रसंगों के साक्षी बने।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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