समाजवादी पार्टी कार्यालय पर धूमधाम से मनाई गई सर सैयद अहमद खां की जयंती
एटा। महान शिक्षाविद एवं समाज सुधारक तथा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के संस्थापक सर सैयद अहमद खां की जयंती समाजवादी पार्टी के अरुणा नगर स्थित कैंप कार्यालय पर धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर निवर्तमान जिला अध्यक्ष परवेज जुबैरी की अध्यक्षता में एक सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने सर सैयद अहमद खां के शिक्षा के क्षेत्र में किए गए योगदान पर विस्तार से चर्चा की।
सेमिनार को संबोधित करते हुए निवर्तमान जिला अध्यक्ष परवेज जुबैरी ने कहा कि एक समय मुसलमान शिक्षा के क्षेत्र में काफी पिछड़े हुए थे। सर सैयद अहमद खां आधुनिक शिक्षा के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने लंदन जाकर ऑक्सफोर्ड और कैंब्रिज विश्वविद्यालयों को देखा और उनसे प्रभावित होकर भारत में भी इसी तरह का शिक्षण संस्थान स्थापित करने का सपना संजोया। भारत लौटने के बाद उन्होंने वर्ष 1875 में अलीगढ़ में एमएओ कॉलेज की नींव रखी, जिसे वर्ष 1920 में विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त हुआ।
पूर्व जिला अध्यक्ष अशरफ हुसैन ने कहा कि सर सैयद अहमद खां हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रबल हिमायती थे। वह हिंदुओं और मुसलमानों को एक दुल्हन के चेहरे की दो खूबसूरत आंखों के समान बताते थे। उनका मानना था कि यदि एक आंख खराब हो जाए तो चेहरे की खूबसूरती कम हो जाती है। उनका यह विचार आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश देता है।
शराफत हुसैन काले ने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पहले स्नातकों में प्रसिद्ध इतिहासकार ईश्वरी प्रसाद का नाम भी शामिल है। उन्होंने सर सैयद के शैक्षिक प्रयासों और उनके दूरदर्शी विचारों को याद किया।
सेमिनार को रंजीत सिंह यादव, अनिल प्रमुख, जमशेद आलम, फहीम उद्दीन वारसी, चैतन्य शाक्य और संदीप यादव सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन भूपेंद्र प्रजापति ने किया।
इस अवसर पर सरफराज, अदनान सिद्दीकी, अवधेश धुलाई, बबलू पठान, अनिल प्रधान, प्रेमचंद पहलवान, अवधेश यादव, अकरम खान, जीतू यादव और जैनुअल आबदीन सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
