फर्रुखाबाद।
शहर के तकिया मोहल्ले में शनिवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक घर में खाना बनाते समय अचानक गैस सिलेंडर में आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं और घर में मौजूद लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई। आग की भयावह स्थिति देखकर परिवार के लोग घबरा गए। शोर सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए और आग बुझाने में जुट गए। इसी बीच घर पहुंचे युवक ने हिम्मत दिखाते हुए जलते सिलेंडर को रसोई से खींचकर आंगन में पहुंचा दिया, लेकिन इस दौरान उसके दोनों हाथ बुरी तरह झुलस गए। हादसे में घर में रखा कपड़ा और अन्य घरेलू सामान जलकर खराब हो गया। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक परिवार को करीब 25 से 30 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।
नाश्ते की रेहड़ी के लिए तैयार हो रही थी सब्जी
जानकारी के मुताबिक, तकिया मोहल्ला निवासी संतराम सक्सेना कादरी गेट पर नाश्ते की रेहड़ी लगाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे उनके घर में गैस चूल्हे पर सब्जी तैयार की जा रही थी। इसी दौरान अचानक गैस सिलेंडर में आग लग गई। रसोई में आग की लपटें उठती देख घर में मौजूद लोगों के होश उड़ गए। कुछ ही देर में पूरे घर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिवार के लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी मदद के लिए दौड़ पड़े।
जलते सिलेंडर को रसोई से आंगन में निकाला, झुलस गए दोनों हाथ
घर में सिलेंडर में आग लगने की जानकारी मिलते ही संतराम सक्सेना भी मौके पर पहुंच गए। हालात की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने जलते हुए सिलेंडर को रसोई से खींचकर आंगन में निकाल दिया। इस दौरान आग की चपेट में आने से उनके दोनों हाथ झुलस गए। आग बुझाने और परिवार को सुरक्षित रखने की जद्दोजहद में संतराम के हाथ घायल हो गए। घटना के बाद परिवार के लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
मिट्टी और गीले कपड़ों से आग बुझाने में जुटे मोहल्लेवासी
हादसे की जानकारी मिलते ही मोहल्ले के लोग एकजुट होकर आग बुझाने में जुट गए। लोगों ने मिट्टी और गीले कपड़ों की मदद से सिलेंडर में लगी आग पर काबू पाने का प्रयास किया। करीब 20 मिनट तक चली मशक्कत के बाद आग बुझाई जा सकी। गनीमत रही कि आग को अधिक फैलने से रोक लिया गया, वरना हादसा और भी गंभीर रूप ले सकता था। हालांकि, तब तक घर में रखा कपड़ा और अन्य घरेलू सामान आग की चपेट में आकर खराब हो चुका था।
25 से 30 हजार रुपये के नुकसान का अनुमान
इस घटना में संतराम सक्सेना के दोनों हाथ झुलस गए, जबकि घर में रखे सामान को भी नुकसान पहुंचा। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, परिवार को करीब 25 से 30 हजार रुपये की आर्थिक क्षति हुई है। अचानक हुए हादसे से परिवार के लोग सहमे हुए हैं। घर में रोजमर्रा के काम के दौरान हुए इस हादसे ने मोहल्ले के लोगों को भी चिंतित कर दिया।
गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते समय बरतें सावधानी
गैस सिलेंडर में आग लगने की यह घटना रसोई में सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की जरूरत को उजागर करती है। गैस की गंध आने पर चूल्हा न जलाएं और बिजली के स्विचों को न छुएं। यदि सिलेंडर में आग लग जाए तो बिना प्रशिक्षण के उसे उठाने या हटाने का प्रयास न करें। लोगों को सुरक्षित दूरी पर ले जाकर तत्काल अग्निशमन सेवा और संबंधित आपातकालीन सहायता से संपर्क करना चाहिए।
